
छपरा में पिछले महीने जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत मामले की एक याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में अगले सोमवार यानी 9 जनवरी को सुनवाई करेगा।
जहरीली शराब कांड की एसआईटी जांच की मांग को लेकर 16 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में बिहार में अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक स्वतंत्र जांच और कार्य योजना तैयार करने की मांग की गई है।
सरकार ने जहरीली शराब से मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा देने से इनकार कर दिया था। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में भी कड़े शब्दों में कहा था कि शराब से मरने वालों के साथ उनकी कोई हमदर्दी नहीं है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
हालांकि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद गोपालगंज में जहरीली शराब से जब लोगों की मौत हुई थी तब सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया था। बीजेपी इस मामले को लेकर सरकार को घेर रही थी लेकिन नीतीश अडिग थे।
इधर, अब इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी जांच को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। ऐसे में देखना होगा कि 9 जनवरी को अब सुप्रीम कोर्ट इसमें क्या निर्देश सुनाता है, या फिर इस ममाले की सुनवाई आगे टलती है। जनहित याचिका में त्रासदी में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की गई है।
हालांकि राज्य में पहले ही एक एसआईटी का गठन किया जा चुका है। इसमें 31 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इसका नेतृत्व एक एडिशनल एसपी और तीन डिप्टी एसपी कर रहे हैं। सोनपुर के एएसपी अंजनी कुमार उस टीम का नेतृत्व करेंगे, जिसे जहरीली शराब कांड के सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है।







