

रभंगा जिले में दलितों के साथ दुर्व्यवहार की घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बिहार सरकार से जवाब मांगा है। भल्ला ने राज्य के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को इस संबंध में पत्र लिखा है।
केंद्रीय गृह सचिव ने बिहार सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि दो जुलाई की रात को अनुसूचित जाति के श्रीकांत पासवान की कैंसर के कारण मृत्यु हो गई थी। अंत्येष्टि के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की ओर से उनके शव को श्मशान घाट से बाहर निकाला गया। शव के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
जानकारी के अनुसार, अब इस मामले में केंद्र की बीजेपी सरकार ने बिहार सरकार को चिट्ठी लिख दी है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमीर सुबहानी से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
आरोप है कि दरभंगा में एक दलित व्यक्ति श्रीकांत पासवान की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के दौरान जमकर बवाल किया गया। शव को श्मसान से बाहर फेंक दिया गया और पीटा गया। इसके बाद जमकर उपद्रव भी मचाया गया। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस मामले में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को पत्र लिखा है।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस मामले में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को दरभंगा जिले (थाना कमतौल) धर्मपुर गांव में अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ घोर दुर्व्यवहार की जानकारी मिली है।
भल्ला ने लिखा है कि यह संभवत: अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध का मामला हो सकता है। अंतिम संस्कार एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसके कारण कानून और व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन सकती है।
जानकारी मिली है कि दो जुलाई 2023 की रात को अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति श्रीकांत पासवान, जिनकी कैंसर के कारण मृत्यु हो गई थी, के दाह संस्कार के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की ओर से उनके शव को श्मशान घाट से बाहर निकाला गया, पीटा गया और बुरी तरह से अपमानित किया गया। आरोप है कि पैतृक श्मशान भूमि पासवान समुदाय की है, जहां वे हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार करते रहे हैं और उन्हें इससे वंचित कर दिया गया है।
इस मामले में मंगलवार को ही बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। वहीं, दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर ने भी गृहमंत्री से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तलब किया है।
केंद्रीय गृह सचिव ने कहा है कि यह संभवतः अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध का मामला हो सकता है। ये अंतिम संस्कार करने का संवेदनशील मुद्दा हो सकता है, जिससे क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में, मैं आपसे जल्द से जल्द एक विस्तृत जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध करता हूं।
घटना पिछले महीने का है। बिहार के दरभंगा जिले में शव के अंतिम संस्कार में एक विशेष समुदाय के लोगों ने जमकर बवाल मचाया। उपद्रवियों ने जहां एक ओर शव को पूरी तरह से जलने नहीं दिया।
वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस पर पथराव कर लगभग आधा दर्जन गाड़ियां तोड़ दीं गयीं। ये मामला दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र के हरिहरपुर पूर्वी पंचायत के धर्मपुर मालपट्टी गांव का है।
पूरे बवाल के पीछे श्मशान घाट की 22 कट्ठा जमीन का मामला सामने आया था। पासवान समुदाय के लोगों का कहना है कि शमशान की यह भूमि उनके पुरखों की है और वहां सालों से हिंदू समाज के लोगों का अंतिम संस्कार होते आया है।
लेकिन, श्रीकांत पासवान के अंतिम संस्कार के दौरान एक समुदाय के लोग यहां पर आकर अपने समुदाय की जमीन बताकर हंगामा करने लगे। पासवान जाति के लोगों का आरोप है कि उपद्रवियों ने अंतिम संस्कार में रुकावट पैदा करते हुए यहां में आए लोगों के साथ मारपीट की। उपद्रवियों ने श्मशान घाट पर आई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया और मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया। इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए हैं।


