back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 24, 2026
spot_img

Indian Air Force Spy: भारतीय वायुसेना जासूसी कांड का पर्दाफाश, पैसों के लिए पाकिस्तान को बेचे मिसाइल के राज, ऐसे खुली गद्दारी की पोल

spot_img
- Advertisement -

Indian Air Force Spy: देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की एक गहरी साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जहां वायुसेना का एक कर्मचारी ही दुश्मन के हाथों की कठपुतली बन गया। यह कहानी सिर्फ एक गद्दार की नहीं, बल्कि उस विश्वासघात की है जो हमारी रक्षा प्रणाली पर सीधा प्रहार था।

- Advertisement -

भारतीय वायुसेना जासूस: पैसों के लिए पाकिस्तान को बेचे मिसाइल के राज, ऐसे खुली गद्दारी की पोल

इंडियन एयरफोर्स स्पाई: ऐसे खुली देशद्रोही सुमित कुमार की पोल

भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर उस समय एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब एक ऐसा नाम सामने आया जिस पर देश ने भरोसा किया था। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी और असम के चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) के तौर पर कार्यरत सुमित कुमार, दो साल से अधिक समय से दुश्मन देश पाकिस्तान को भारत के संवेदनशील मिसाइल सीक्रेट्स बेच रहा था। बाहर से देखने में एक साधारण कर्मचारी, सुमित अंदर ही अंदर पाकिस्तान के लिए एक मोहरे के तौर पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सुमित 2023 में पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया और पैसों के लालच में आकर उसने देश की गोपनीय सूचनाएं साझा करना शुरू कर दिया। ये वो जानकारी थी जो सिर्फ हमारी सेना, खासकर वायुसेना के भीतर ही रहनी चाहिए थी, लेकिन उसने इसे दुश्मन तक पहुंचा दिया।

- Advertisement -

इस पूरे देशद्रोही नेटवर्क का खुलासा जैसलमेर में एक अन्य संदिग्ध, झबराराम की गिरफ्तारी से हुआ। झबराराम से पूछताछ के दौरान ही सुमित कुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस और इंडियन एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने मिलकर उस पर कड़ी नजर रखनी शुरू की। सही समय का इंतजार करते हुए, एजेंसियों ने पुख्ता सबूत जुटाए और सुमित कुमार को धर दबोचा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Commercial LPG Cylinder पर सरकार का बड़ा फैसला, अब रेस्टोरेंट-ढाबों को नहीं होगी गैस की किल्लत, बस करना होगा यह काम!

जांच में यह सामने आया कि सुमित कुमार ने फाइटर एयरक्राफ्ट की तैनाती, मिसाइल सिस्टम की जानकारी, एयरफोर्स स्टेशन की लोकेशन और उनकी गतिविधियों से जुड़ी अहम सूचनाएं पाकिस्तान के साथ साझा की थीं। इसमें नाल एयरफोर्स स्टेशन और चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन से संबंधित संवेदनशील जानकारी भी शामिल थी। अगर यह जानकारी गलत हाथों में पूरी तरह इस्तेमाल हो जाती तो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को कितना बड़ा नुकसान हो सकता था, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि सुमित कुमार ने अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी एजेंट्स के लिए कई सोशल मीडिया अकाउंट्स भी बनाए थे। इन्हीं अकाउंट्स के जरिए गुप्त बातचीत और जानकारी का आदान-प्रदान हो रहा था। इस तरह, यह सिर्फ एक जासूसी का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित डिजिटल नेटवर्क था, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आखिरकार, खुफिया एजेंसियों ने सुमित को हिरासत में ले लिया और गहन पूछताछ के लिए जयपुर के केंद्रीय पूछताछ केंद्र ले जाया गया। यहां कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसे ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अब इस गद्दार पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। अगर समय रहते यह पकड़ा नहीं जाता और जानकारी लीक होती रहती तो वायुसेना के ऑपरेशन खतरे में पड़ सकते थे और पाकिस्तान जैसे नापाक इरादों वाले दुश्मन को भारत की रणनीतिक कमजोरियों का पता चल सकता था। यह देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो सकता था।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जासूसी का डिजिटल जाल और गिरफ्तारी की पूरी कहानी

जैसलमेर निवासी झबराराम की 30 जनवरी को हुई गिरफ्तारी ने इस जासूसी नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दीं। झबराराम ही वह कड़ी था जिसने जांचकर्ताओं को सुमित कुमार तक पहुंचाया। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “नेटवर्क में एक अहम कड़ी के रूप में उसका नाम सामने आया, जिसके बाद उस पर लगातार नजर रखी गई।” जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वायु सेना के बेहद संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाई। इसमें लड़ाकू विमानों की तैनाती, मिसाइल प्रणालियों और बीकानेर के चाबुआ और नाल वायु अड्डों पर तैनात कर्मियों से संबंधित जानकारी शामिल थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर फर्जी सोशल मीडिया खातों के जरिए कुमार से गुप्त संपर्क बनाए रखते थे, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  किसानों की किस्मत चमकेगी! Bihar Masoor Procurement को मिली मंजूरी, MSP पर होगी 32,000 मीट्रिक टन मसूर की खरीद

चीन और म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास स्थित चाबुआ वायु सेना स्टेशन, रणनीतिक रूप से एक बेहद महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान है। इस तरह के संवेदनशील स्थान से जानकारी लीक होना देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। जनवरी 2026 में जैसलमेर से एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के साथ जांच शुरू हुई, जिससे उत्तर प्रदेश निवासी सुमित कुमार (36) की पहचान हुई, जो वर्तमान में डिब्रूगढ़ के चाबुआ स्थित वायु सेना स्टेशन में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) के पद पर तैनात है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था और कथित तौर पर पैसों के बदले गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से वायु सेना के प्रतिष्ठानों से संबंधित संवेदनशील जानकारी, जिसमें लड़ाकू विमानों के स्थान, मिसाइल प्रणालियां और कर्मियों से संबंधित जानकारी शामिल है, एकत्र करने और साझा करने का संदेह है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उसे पूछताछ के लिए जयपुर लाया गया, जहां एक केंद्रीय पूछताछ केंद्र में कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से उससे पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि राजकोषीय गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और व्यापक जासूसी नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है ताकि इसके पीछे के हर व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar News: हड़ताली अधिकारियों पर सरकार का अल्टीमेटम, Bihar Revenue Service को 25 मार्च तक काम पर लौटने का निर्देश, वरना होगी बड़ी कार्रवाई!

Bihar Revenue Service के अधिकारियों को मिला सरकारी अल्टीमेटम Bihar Revenue Service: बिहार में सरकार...

IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स अब हुई अमेरिकी! 15,000 करोड़ में बिकी पहली चैंपियन टीम

IPL 2026: आईपीएल के रोमांच से लबरेज दुनिया में एक भूचाल सा आ गया...

Bihar DDC Disproportionate Assets: शिवहर के DDC बृजेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज, SDO रहते पत्नी के नाम बनाई करोड़ों...

Bihar DDC Disproportionate Assets: भ्रष्टाचार की काली कमाई अब छिप नहीं पाएगी, क्योंकि कानून...

Jamui News: शंभू कुमार के सिर सजा IIP जिलाध्यक्ष का ताज, लगातार दूसरी बार मिली कमान, समर्थकों में जश्न

Jamui News: राजनीति की बिसात पर गोटियां सज चुकी हैं और जमुई में इंडियन...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें