back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

Indian Air Force Exercise: जैसलमेर में गरजेगा भारत का आकाश, वायु शक्ति 2026 से थर्राएगा पाकिस्तान!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Indian Air Force Exercise: आसमान में भारत की धाक जमाने, पड़ोसियों को अपनी ताकत का एहसास कराने और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना कमर कस चुकी है। इस माह राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान सीमा के निकट एक विशाल वायु युद्ध अभ्यास होने जा रहा है, जो सिर्फ एक सैन्य ड्रिल नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारियों का स्पष्ट संदेश है।

- Advertisement -

भारतीय वायुसेना अभ्यास: ‘वायु शक्ति 2026’ – रणभूमि में शक्ति प्रदर्शन

भारतीय वायुसेना इस महीने राजस्थान के जैसलमेर इलाके में पाकिस्तान सीमा के पास एक बेहद बड़े वायु युद्ध अभ्यास की तैयारी में है। यह सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक सीधा संदेश है कि भारतीय आकाश पर भारत की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। 27 फरवरी को होने वाला यह मेगा अभ्यास ‘वायु शक्ति 2026’ के नाम से जाना जाएगा और इसे इस साल का सबसे बड़ा वायु युद्ध अभ्यास माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह अभ्यास उस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसने सीमा पार आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था।

- Advertisement -

जैसलमेर का आसमान 27 फरवरी को सौ से अधिक विमानों की गर्जना से गूंज उठेगा, जो एक साथ युद्ध जैसी परिस्थितियों में अपने आक्रामक और रक्षात्मक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय वायुसेना के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी कमान के हवाई अड्डे और सभी संबंधित संसाधन इस भव्य अभ्यास में शिरकत करेंगे। सभी इकाइयों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। देखा जाए तो यह सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि वास्तविक युद्ध की तैयारियों का एक खुला और सशक्त प्रदर्शन है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  JP गंगा पथ का अब होगा विराट विस्तार: 'Bihar Road Project' से बदलेगी बिहार की तस्वीर, कोइलवर से Bhagalpur तक बनेगा SUPER HIGHWAY

रणभूमि में उतरेंगे अत्याधुनिक फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर

इस मेगा अभ्यास में वे सभी अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणालियाँ शामिल होंगी, जो पहले के महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रही थीं। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हॉक विमान मुख्य रूप से शामिल हैं। ये सभी विमान ज़मीन और हवा, दोनों तरह के लक्ष्यों पर सटीक प्रहार का अभ्यास करेंगे। स्वदेशी ‘प्रचंड’ आक्रमण हेलीकॉप्टर भी जीवित गोला-बारूद के साथ रॉकेट दागते हुए अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगा। यह पहली बार होगा कि सेवानिवृत्त हो चुका मिग-21 लड़ाकू विमान इस तरह के किसी बड़े अभ्यास का हिस्सा नहीं होगा।

पूरा अभ्यास एक काल्पनिक युद्ध स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसकी प्रभावी निगरानी वायुसेना के एकीकृत वायु आदेश और नियंत्रण तंत्र (आईएसी2एस) द्वारा की जाएगी। यही तंत्र ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हर पाकिस्तानी विमान, मिसाइल और ड्रोन पर पैनी नज़र रखे हुए था। लंबी, मध्यम और छोटी दूरी के रडार से प्राप्त होने वाली सभी सूचनाओं को एक साथ जोड़कर एक संपूर्ण हवाई चित्र तैयार किया जाएगा, ताकि आक्रमण और रक्षा दोनों कार्य एक साथ प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

लड़ाकू विमानों के अलावा, C-130J सुपर हरक्यूलिस और C-295 जैसे परिवहन विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। प्रचंड, चिनूक, एमआई-17 और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) भी तैनात रहेंगे। पहले के अभियानों में इस्तेमाल किए गए ड्रोन और मंडराते हुए मारक हथियार (लॉइटरिंग म्यूनिशन्स) भी एक बार फिर अपनी ताकत दिखाएंगे। यह पहली बार होगा कि C-295 परिवहन विमान रात के समय धावा उतराई (नाइट पैराड्रॉप) का अभ्यास करेगा। वहीं, C-130J हरक्यूलिस श्रेणी का विमान छोटी पट्टी पर उतरकर युद्ध क्षेत्र में गरुड़ कमांडो को उतारेगा और कुछ ही मिनटों में फिर से उड़ान भर लेगा। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान दो आक्रमण हेलीकॉप्टर पूरे क्षेत्र को हवाई सुरक्षा प्रदान करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पाकिस्तान की बेचैनी और भारत का दृढ़ संकल्प

पाकिस्तान को इस अभ्यास की सूचना पहले ही उड़ान सूचना संदेश (NOTAM) के ज़रिए दे दी गई है। इसके बावजूद, उसके पुराने और अप्रत्याशित व्यवहार को देखते हुए, भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार है, जिसमें वायु रोधी तोपें, ड्रोन रोधी तंत्र और हर समय तैयार निगरानी मंच शामिल हैं। आकाश मिसाइल प्रणाली और थलसेना की एल-70 तोपें भी युद्ध के लिए तैयार रहेंगी। इस महत्वपूर्ण अभ्यास को देखने के लिए कई विशिष्ट अतिथि और मित्र देशों के लगभग 40 दूतावास अधिकारी भी जैसलमेर पहुंचेंगे।

यह भी पढ़ें:  BPSC TRE-4: बिहार टीचर वैकेंसी का खुला पिटारा, 46 हजार पदों पर जल्द भर्ती

इस पूरे घटनाक्रम ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ा दी है। सीमा के उस पार यह स्पष्ट रूप से समझा जा रहा है कि भारत अब केवल प्रतिक्रियावादी नहीं रहा, बल्कि पहल करने और आकाश से निर्णायक प्रहार करने की क्षमता रखता है। देखा जाए तो ‘वायु शक्ति 2026’ सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय संकल्प और उसकी बढ़ती सैन्य ताकत का प्रदर्शन है। संदेश बिल्कुल साफ है कि भारतीय वायुसेना अब केवल रक्षात्मक सोच से कहीं आगे निकल चुकी है। वह हर गतिविधि पर नज़र रख रही है, हर चुनौती को समझ रही है और अगर ज़रूरत पड़ी, तो तुरंत पलटवार भी कर सकती है। पिछले सफल अभियानों ने जो विश्वास जगाया था, यह अभ्यास उसे और अधिक मजबूत करता है।

यह भी पढ़ें:  असम में भारत की सुरक्षा को मिलेगी नई उड़ान: PM मोदी करेंगे Emergency Landing Facility का उद्घाटन, पूर्वोत्तर को मिलेगी पहली ऐसी सुविधा

बहरहाल, भारतीय वायुसेना का शौर्य केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि उसकी गहन तैयारियों में भी परिलक्षित होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अनुशासन, अत्याधुनिक तकनीक और अदम्य साहस का यह संगम ही भारत की वास्तविक ताकत है। यदि पड़ोसी अब भी इस स्पष्ट संदेश को नहीं समझते हैं, तो यह समस्या उनकी अपनी होगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

MG Majestor SUV: एमजी मैजेस्टर एसयूवी की बुकिंग शुरू, मिलेंगे बेमिसाल फीचर्स और पावरफुल इंजन

MG Majestor SUV: भारतीय एसयूवी बाजार में एक और दमदार खिलाड़ी दस्तक देने को...

Mohammad Nabi: अंपायर से भिड़ना पड़ा महंगा, ICC ने ठोका बड़ा जुर्माना!

Mohammad Nabi: अफ़गानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी को अंपायर के फैसले का विरोध...

छोटी आय में भी करें बड़ी बचत: जानें सफल Financial Planning के गोल्डन रूल्स

Financial Planning: आज के दौर में जहां महंगाई का ग्राफ लगातार चढ़ रहा है,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें