
दुनिया में जब युद्ध की चिंगारी भड़कती है, तो उसकी आंच सिर्फ रणभूमि तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आम जनजीवन और व्यापार की रफ्तार को भी मंद कर देती है। Middle East Flight Cancellation: इसी कड़ी में, इंडिगो एयरलाइन ने मध्य पूर्व और इस्तांबुल, तुर्की से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए टिकट रद्द करने पर मिलने वाली छूट को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है।
Middle East Flight Cancellation: एयरलाइन ने क्यों लिया यह फैसला?
इंडिगो ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह प्रभावित क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रख रही है और अपनी वेबसाइट व सोशल मीडिया चैनलों पर लगातार अपडेट प्रकाशित कर रही है। कंपनी ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि ईरान और अन्य खाड़ी देशों पर लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के चलते उसने 28 फरवरी से 3 मार्च तक मध्य पूर्व और कुछ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए 500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं। यह स्थिति हजारों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
एक नियामक रिपोर्ट में एयरलाइन ने बताया कि वह इस अनिश्चित स्थिति से उत्पन्न राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव की बारीकी से निगरानी कर रही है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों से 28 फरवरी से उड़ान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस अभूतपूर्व स्थिति के कारण हवाई यात्रा बाधित हुई है, जिससे न केवल यात्रियों को, बल्कि एयरलाइन कंपनियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इंडिगो ने अपनी रिपोर्ट में यह भी जोड़ा, “हमारी परिचालन टीमें क्षेत्रीय परिस्थितियों का लगातार आकलन कर रही हैं, उड़ान समय-सारणी में बदलाव कर रही हैं और भारत तथा संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों के समन्वय से यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने और स्वदेश वापसी अभियानों की योजना बना रही हैं।”
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रद्द हुईं सैकड़ों उड़ानें: क्या कहते हैं आंकड़े?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा स्थिति के कारण (3 मार्च तक) भारतीय विमानों की 1,221 और विदेशी विमानों की 388 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यह संख्या मौजूदा संकट की गंभीरता को दर्शाती है।
मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, 3 मार्च को भारत से रवाना होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या 356 थी, जबकि देश के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर 338 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें उतरीं। यह आँकड़े बताते हैं कि संकट के बावजूद कुछ हद तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रहीं, लेकिन बड़ी संख्या में रद्द होने वाली उड़ानों ने हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पानी फेर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एयरलाइनें इस संवेदनशील स्थिति में यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों का पालन करना उनकी प्राथमिकता है। यह स्पष्ट है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता, तब तक हवाई यात्रा बाधित रहने की संभावना बनी रहेगी।





