



Bihar Liquor Seizure: काले कारोबार की जड़ें इतनी गहरी कि अब राजनीतिक गलियारे भी इसकी गिरफ्त में आते दिख रहे हैं। जहां एक ओर सरकार शराबबंदी को लेकर सख्त है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामले कानून को चुनौती दे रहे हैं। कैमूर में ‘राज्यसभा सांसद’ की गाड़ी से भारी मात्रा में शराब बरामद, मचा हड़कंप!
Bihar Liquor Seizure: कैमूर में राज्यसभा सांसद के नाम पर शराब तस्करी का भंडाफोड़
बिहार के कैमूर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘राज्यसभा सांसद’ का स्टीकर और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का झंडा लगी एक स्कॉर्पियो गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। यह घटना शराबबंदी वाले राज्य में अवैध शराब कारोबार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, लेकिन तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।
यह चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन से शराब की तस्करी की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने जाल बिछाकर वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी में सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया। लंबी मशक्कत के बाद जब पुलिस ने गाड़ी को अपने कब्जे में लिया और उसकी तलाशी ली, तो सभी हैरान रह गए।
गाड़ी के अंदर से कुल 277 लीटर देसी और विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गईं। इतनी बड़ी खेप देखकर पुलिसकर्मी भी सकते में आ गए। सबसे बड़ी बात यह थी कि इस वाहन पर ‘राज्यसभा सांसद’ का स्टीकर लगा था, और उस पर बीजेपी का झंडा भी मौजूद था। यह तथ्य मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक राजनीतिक रसूखदार व्यक्ति के नाम के दुरुपयोग का संकेत देता है।
शराब तस्करी पर प्रश्नचिह्न और राजनीतिक संलिप्तता
पुलिस ने तत्काल प्रभाव से शराब और वाहन को जब्त कर लिया है। हालांकि, शराब तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर या पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस अब गाड़ी के नंबर प्लेट और ‘राज्यसभा सांसद’ स्टीकर के आधार पर वाहन मालिक और इसमें संलिप्त लोगों की पहचान करने में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन और अवैध शराब कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और जल्द ही फरार हुए तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इसमें शामिल कोई भी व्यक्ति कानून के शिकंजे से बच न पाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह बरामदगी दर्शाती है कि राज्य में अभी भी अवैध शराब कारोबार फल-फूल रहा है, और तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को धता बता रहे हैं। राजनीतिक स्टीकर और झंडे का इस्तेमाल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की यह कोशिश एक नई चुनौती पेश कर रही है। पुलिस और प्रशासन को अब ऐसे मामलों में और अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
शराबबंदी कानून का भविष्य और चुनौतियां
बिहार में शराबबंदी को लागू हुए कई साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं। यह मामला दिखाता है कि कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केवल नियमों को सख्त करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके पीछे के नेटवर्क को ध्वस्त करना भी जरूरी है। इसमें आम जनता और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार को इस मुद्दे पर और गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कानून का राज पूरी तरह से स्थापित हो सके।


