
No Confidence Motion: संसद की गरिमा पर जब सवाल उठे, तो आवाज़ उठाना लाज़मी हो जाता है। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर गरमागरम बहस के दौरान, विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक नया अध्याय खुल गया।
लोकसभा में No Confidence Motion पर घमासान: गौरव गोगोई का रिजिजू पर वार, अमित शाह ने संभाला मोर्चा
No Confidence Motion पर बहस में गौरव गोगोई का तीखा प्रहार
मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू होते ही, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तल्ख़ लहजे में कहा कि रिजिजू को भविष्य में उस मंत्री के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने विपक्ष को सबसे अधिक बार सदन में बाधित किया। यह टिप्पणी तब आई जब गोगोई अपने संबोधन के दौरान रिजिजू के एक बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने विपक्षी सांसदों पर असंसदीय शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था और कहा था कि वे इसका जवाब देंगे।
गोगोई ने आगे कहा कि जब भी संसदीय अभिलेखों और प्रतिलेखों का अध्ययन किया जाएगा, तो आंकड़े साफ बताएंगे कि किरेन रिजिजू ही वह संसदीय कार्य मंत्री थे जिन्होंने विपक्ष की आवाज़ को दबाने का सबसे ज्यादा प्रयास किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रिजिजू का बचाव करते हुए अपनी बात रखी। शाह ने जोर देकर कहा कि इस तरह के व्यवधान तभी आवश्यक होते हैं जब कोई संसदीय नियमों का पालन नहीं करता है, और उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनके स्वयं के कार्यकाल का उदाहरण भी दिया।
शाह ने स्वीकार किया, ‘मैं सहमत हूँ, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जी ने सबसे ज़्यादा व्यवधान डाला है।’ लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘लेकिन हमने इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं देखा।’ उनके इस बयान का सीधा अर्थ था कि व्यवधान विपक्ष द्वारा सदन की संसदीय कार्यवाही के नियमों का बार-बार उल्लंघन करने के कारण हुए थे। अपने संबोधन में, गोगोई ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा के लिए लाया गया है, न कि किसी व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
निचले सदन को संबोधित करते हुए गोगोई ने दोहराया कि यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा करने की जिम्मेदारी के रूप में लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने मंगलवार सुबह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। 50 से अधिक सांसदों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में खड़े होकर अपना समर्थन दिया, जिसके बाद अध्यक्ष पद पर बैठी भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कांग्रेस सांसद को इस पर अवकाश (अनुमति) प्रदान किया।
सदन की गरिमा पर बहस: क्या है विपक्ष की रणनीति?
विपक्षी दल लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सदन के भीतर लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन किया जाए और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले। यह विवाद दर्शाता है कि संसद में चल रही तनातनी कितनी गहरी हो चुकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव पर बहस का क्या परिणाम होता है और क्या सरकार व विपक्ष के बीच सहमति बन पाती है।


