
LPG Shortage: धधकती धरती, सुलगते चूल्हे और धुंधली होती उम्मीदें… पश्चिम एशिया के युद्ध की आग अब भारत की रसोई तक पहुंच गई है। देश में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की वैश्विक आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर दिख रहा है।
LPG Shortage: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की वैश्विक आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है, और भारत भी इस झंझावात से अछूता नहीं है। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति लगभग ठप हो गई है, जो भारत की अधिकांश तेल, गैस और एलपीजी जरूरतों का एक प्रमुख मार्ग था। इस गंभीर व्यवधान से देश में एलपीजी की भारी कमी देखी जा रही है।
भारत रूस जैसे देशों से कच्चे तेल के वैकल्पिक स्रोत तलाशने में जुटा है, लेकिन एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति पर लगी लगाम बरकरार है। इस कमी का खामियाजा देशभर के रेस्तरां, श्मशान घाट, सिरेमिक इकाइयां और यहां तक कि औद्योगिक उत्पादन इकाइयां भी भुगत रही हैं। वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की अनुपलब्धता ने रेस्तरां उद्योग की कमर तोड़ दी है। कई भोजनालय बंद होने के कगार पर हैं, जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी कम नहीं हैं। देश के कई हिस्सों में खाना पकाने की गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें अब आम दृश्य बन गई हैं, लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
देशभर में गहराया LPG Shortage: मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को इस एलपीजी संकट को नियंत्रण में लाने के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अतिरिक्त आपूर्ति हासिल करने के रास्ते खुल रहे हैं और सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। जयपुर जैसे शहरों में, जहां पहले केवल वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी थी, अब घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की भी किल्लत सामने आ गई है।
लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर आपूर्ति वाहनों तक पहुंच रहे हैं, क्योंकि ऑनलाइन या फोन पर बुकिंग की सुविधा ठप पड़ी है। एक निवासी ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा, ‘हम क्या करें? हमारे पास दो सिलेंडर हैं। एक खत्म हो चुका है और दूसरा भी खत्म होने वाला है, लेकिन हम नया सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं।’ यह स्थिति देशभर में लाखों परिवारों की कहानी बयां करती है।
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ठाणे में रेस्तरां उद्योग पर तालाबंदी का खतरा
उद्योग संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान के कारण वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है। इसके चलते ठाणे शहर के 800 से अधिक होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्थिति केवल ठाणे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए खतरा बनती जा रही है। संकट की इस घड़ी में, सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे ताकि आम जनता और व्यापार जगत को राहत मिल सके। वर्तमान स्थिति में, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जिस पर त्वरित ध्यान देने की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




