spot_img

Madhepura Farmer Registry: मधेपुरा में किसानों के भविष्य पर भारी पड़ी लापरवाही, 38 CSC संचालकों की मान्यता रद्द

spot_img
- Advertisement -

Madhepura Farmer Registry: किसानों की किस्मत का ताला खोलने चले अभियान में जब बिचौलियों ने ही लगा दी सेंध, तो प्रशासन ने उठाई सख्त लाठी। मधेपुरा में किसान रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतने वाले 38 सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों की मान्यता रद्द कर दी गई है, जो प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाता है।

- Advertisement -

Madhepura Farmer Registry: अभियान में लापरवाही, प्रशासन का कड़ा रुख


बिहार के मधेपुरा जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को गंभीरता से न लेने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के 38 सीएससी संचालकों की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। यह कदम किसानों के पंजीकरण में बरती गई गंभीर लापरवाही के बाद उठाया गया है, जिसका सीधा असर अन्नदाताओं को मिलने वाले लाभ पर पड़ रहा था।

- Advertisement -

यह अभियान किसानों के पंजीकरण के लिए चलाया गया था, ताकि उन्हें सरकार द्वारा दी जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी दिक्कत के मिल सके। किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga BIG BREAKING दरभंगा में Police पर Attack, छापेमारी करने गई मद्य निषेध टीम पर हमला, तीन पुलिसकर्मी घायल

प्रशासन ने इसे किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ मानते हुए गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक को मारने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से अन्य सीएससी संचालकों और संबंधित विभागों को भी कड़ा संदेश मिला है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें।

किसानों को लाभ से वंचित करने का गंभीर मामला


रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में लापरवाही का सीधा मतलब था कि मधेपुरा के किसान सरकारी सहायता और अन्य लाभों से वंचित रह जाते। यह अभियान सिर्फ पंजीकरण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका लक्ष्य था कि हर पात्र किसान को उसकी जरूरत के अनुसार सहायता मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद यह कठोर फैसला लिया गया। प्रशासन ने इस कदम को किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला बताया है, जो भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए एक मिसाल कायम करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga में विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी, मायके वालों ने लगाए हत्या के आरोप

दरभंगा के कुशेश्वरस्थान से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में...

Darbhanga के नर्सिंग होम में चोरी… पाइप चुराते चोर को पकड़ा, पीटा और फिर अस्पताल में किया कैंची से हमला? जानिए बड़ी ख़बर

नर्सिंग होम चोरी: बिहार के दरभंगा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने...

ललमटिया थाना निरीक्षण: SP सिटी ने पुलिस कार्यप्रणाली का लिया जायजा, दिए अहम निर्देश

ललमटिया थाना निरीक्षण: भागलपुर के ललमटिया थाने में हाल ही में एसपी सिटी शैलेन्द्र...

Bhagalpur में Snakebite Death: 12 साल के बच्चे की मौत, इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप

Snakebite Death: भागलपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां...