
Flesh Trade: मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना इलाके में बुधवार देर शाम पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। लंबे समय से चल रहे देह व्यापार के धंधे पर पुलिस ने एनजीओ के साथ मिलकर छापा मारा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान एक दर्जन से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार कथित देह व्यापार के मामले में 11 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर–बिरैली मार्ग पर रोड संख्या 18 के समीप की गई, जहां लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन की सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार यह छापेमारी पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा चलाए जा रहे ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य समाज में फैल रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और मानव तस्करी तथा देह व्यापार जैसे अपराधों को समाप्त करना है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार के निर्देश पर इस पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई थी, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य इकाइयों का भी सहयोग लिया गया। इस अभियान में गैर-सरकारी संगठन बिहार सेवा समिति न्याय केंद्र, मधुबनी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मधेपुरा के सिंहेश्वर में देह व्यापार की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यालय डीएसपी मनोज मोहन के नेतृत्व में सिंहेश्वर थाना पुलिस ने एक एनजीओ की मदद से इस गोरखधंधे पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से एक दर्जन से अधिक पुरुष और महिलाओं को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की उपस्थिति का अंदेशा होते ही मौके पर मौजूद युवतियां खेतों की ओर भागने लगीं, लेकिन पहले से तैनात महिला और पुरुष पुलिस बल ने चारों ओर से घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जो इस अवैध गतिविधि की पुष्टि करती है। इसके अलावा एक बाइक को भी जब्त किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह वाहन इस नेटवर्क के संचालन में उपयोग किया जा रहा था।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बाद में डीएसपी ने बताया कि 11 महिलाओं को मुक्त करा लिया गया है, जबकि तीन युवकों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।
Flesh Trade पर पुलिस का शिकंजा
पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के एक विशेष स्थान पर लंबे समय से देह व्यापार का धंधा फल-फूल रहा है। यह धंधा इलाके में गुपचुप तरीके से चलाया जा रहा था, जिससे स्थानीय लोगों में भी बेचैनी थी। सूचना की पुष्टि के बाद ही पुलिस ने इस पर कार्रवाई की योजना बनाई।
कैसे हुआ देह व्यापार का खुलासा?
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और एनजीओ के सहयोग से बुधवार की देर शाम छापेमारी की। पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। मौके से कई महिलाएं और पुरुष पकड़े गए, जिन्हें तत्काल थाने लाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ अन्य लोग मौके से फरार होने में सफल रहे।
छापेमारी में सहायक पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती, मुख्यालय उप पुलिस अधीक्षक मनोज मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और दर्जनों पुलिसकर्मी शामिल थे। थाने में पकड़े गए लोगों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा सेक्स रैकेट हो सकता है और इसकी जड़ें खंगालने की कोशिश की जा रही है। इलाके में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस प्रकार के अवैध धंधों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भी संतोष का माहौल देखा जा रहा है। पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस फरार हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
फिलहाल इस Flesh Trade के मामले में पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही इस धंधे के पीछे के सरगनाओं का पर्दाफाश हो पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







