



Lakhisarai Sand Mining: लखीसराय में खनन माफिया पर सबसे बड़ी कार्रवाई, रातभर चली छापेमारी में 84 FIR, वसूले जाएंगे 14 करोड़
Lakhisarai Sand Mining: रात के अंधेरे में जब किउल नदी का सीना चीरकर रेत का काला साम्राज्य फल-फूल रहा था, तब प्रशासन के एक्शन ने खनन माफिया के मंसूबों पर पानी फेर दिया। जिले में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश दिया है।
Lakhisarai Sand Mining को लेकर प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश और खान एवं भूतत्व विभाग के मार्गदर्शन में खनिज विकास पदाधिकारी, खान निरीक्षकों और सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने बीती रात जिले के कई संवेदनशील इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। मोकामा-मुंगेर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-80), रामपुर-लाखोचक मुख्य मार्ग और किउल नदी के उन बालूघाटों पर विशेष नजर रखी गई, जहां से अवैध खनन की सूचनाएं मिल रही थीं। इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अभियान के दौरान, तेतरहाट थाना क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करते हुए एक वाहन को जब्त किया गया, जिसे जुर्माना वसूली के लिए बाजार समिति टीओपी में सुरक्षित रखा गया है।
आंकड़ों में देखें कार्रवाई का पूरा ब्योरा
प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक अवैध खनन के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत:
- कुल छापेमारियां: 1350
- दर्ज प्राथमिकी (FIR): 84
- जब्त किए गए वाहन: 85
- अधिरोपित जुर्माना राशि: 14.08 करोड़ रुपये
- वसूल की गई राशि: 85.26 लाख रुपये
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर कितना गंभीर है। बिहार की लगातार ख़बरें यहां पढ़ें। अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने की शेष राशि की वसूली के लिए भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिला समाहर्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संभावित स्थलों पर निगरानी बढ़ाने, गश्ती दलों की तैनाती मजबूत करने और परिवहन के सभी मार्गों पर नियमित रूप से जांच करने का आदेश दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अभियान भविष्य में भी बिना रुके जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अवैध खनन या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




