
Mani Shankar Aiyar: राजनीति की बिसात पर शब्दों के तीर अकसर गहरे घाव कर जाते हैं। कुछ ऐसा ही फिर हुआ है जब एक दिग्गज नेता ने मर्यादाओं की लक्ष्मण रेखा पार करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों पर तीखे प्रहार किए हैं, राम मंदिर से लेकर ‘चाय वाले’ दावे तक, हर मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
Mani Shankar Aiyar का राम मंदिर उद्घाटन पर सवाल
जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, अय्यर ने राम मंदिर के उद्घाटन और हिंदुत्व के मुद्दे पर अपनी तीखी आलोचना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी शंकराचार्यों को दरकिनार करते हुए स्वयं मंदिर का उद्घाटन किया, जो उनकी दृष्टि में भारतीय संविधान की भावना ‘धर्मनिरपेक्षता’ के सर्वथा विपरीत है। उनके अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री का अपना कोई निजी धर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मुस्लिम समाज और तीन तलाक के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए अय्यर ने भाजपा पर गलत दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए तर्क दिया कि चार पत्नियां रखना तभी संभव है जब सभी का समान ध्यान रखा जाए, जो व्यवहार में अत्यंत कठिन है। उन्होंने एक पुरानी जांच समिति, गोपाल सिंह समिति, की रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसके अनुसार हिंदुओं और सिखों में दो पत्नियां रखने का चलन मुसलमानों की तुलना में अधिक पाया गया था। अय्यर ने यह भी सवाल उठाया कि तीन तलाक को रोककर मुस्लिम महिलाओं को ‘आजाद’ करने का भाजपाई दावा किस प्रकार का हिंदुत्व है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अय्यर ने ‘लव जिहाद’ जैसे शब्द पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्यार में ‘जिहाद’ या बदले की भावना नहीं हो सकती, और यह शब्द केवल भाजपा के लोगों द्वारा गढ़ा गया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उन पर किए गए पुराने निजी हमलों का भी जवाब दिया। अय्यर ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘नीच’ नहीं, बल्कि ‘नीच किस्म का आदमी’ कहा था, और उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अय्यर यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक ज्ञान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों की सही जानकारी नहीं है, वे पंडित जवाहरलाल नेहरू की जगह कैसे ले सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
‘चाय वाला’ दावे पर अय्यर का बड़ा आरोप
प्रधानमंत्री के ‘चाय बेचने वाले’ अतीत को लेकर भी मणिशंकर अय्यर ने एक बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के गृहनगर वड़नगर में 1973 तक कोई रेलवे प्लेटफॉर्म ही नहीं था, तो फिर उन्होंने चाय कहां बेची होगी? अय्यर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस तरह के झूठे दावों और अफवाहों के माध्यम से ही सत्ता तक पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में मुसलमानों के खिलाफ इस तरह की बातें फैलाई गई हैं, जिससे आज का भारतीय समाज पूरी तरह सांप्रदायिक हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ये बयान एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस का विषय बन गए हैं।







