
Mehbooba Mufti Protest: जब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पन्ने खून से लाल हो रहे हों और सत्ता के सिंहासन डोल रहे हों, तब भारत के भीतर से एक आवाज़ न्याय के लिए गरज उठी। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का मुखर विरोध किया।
श्रीनगर में Mehbooba Mufti Protest: क्यों भड़कीं पीडीपी प्रमुख?
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को श्रीनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जलाए। इस प्रदर्शन में पार्टी के समर्थकों ने खामेनेई के चित्र उठाए हुए थे और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ जमकर नारे लगाए। मुफ्ती ने अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन का भी पोस्टर जलाया, जिसकी 2019 में यौन तस्करी के आरोपों का सामना करते हुए मौत हो गई थी और उसके ट्रंप सहित कई जानी-मानी हस्तियों के साथ संबंधों की खबरें सामने आई थीं।
प्रदर्शन के बाद, महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा, “मैं उन लोगों के साथ शांति से खड़ी हूं जो आपके साथ शांति से खड़े हैं, और उन लोगों के विरोध में खड़ी हूं जो आपका विरोध करते हैं, न्याय के दिन तक।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने जलाए जा रहे पोस्टरों के दृश्यों को भी संलग्न किया। मुफ्ती ने ईरान पर हुए इन हमलों की शुरुआत से ही तीव्र आलोचना की है। ‘एक्स’ पर कई पोस्टों के माध्यम से उन्होंने भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए “खुलेआम आक्रमण” पर चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर स्पष्ट शब्दों में लिखा, “सिर्फ इसलिए कि भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन सरकार ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए खुले आक्रमण और उसके सर्वोच्च नेता की शहादत पर चुप्पी साध रखी है, इसका मतलब यह नहीं है कि जो लोग इस पर बोलते हैं, वे अपराधी हैं और उन पर कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने खामेनेई की हत्या को “इतिहास का एक बेहद दुखद और शर्मनाक अध्याय” करार दिया। उन्होंने कुछ मुस्लिम देशों द्वारा इन कार्रवाइयों को दिए गए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन की भी कड़ी निंदा की। मुफ्ती ने जोर देकर कहा, “इतिहास गवाह रहेगा कि किसने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और किसने उत्पीड़कों की मदद की। मेरी प्रार्थनाएं ईरान के लोगों के साथ हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
मुफ्ती का यह विरोध ऐसे नाजुक समय में सामने आया है, जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच गंभीर ईरान-अमेरिका संघर्ष अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। बुधवार को तेहरान में कई भीषण विस्फोट हुए, जो ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों और खाड़ी क्षेत्र में हुए जवाबी हमलों के बाद की स्थिति को दर्शाते हैं। बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजे, जबकि ईरान ने कतर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल कथित तौर पर अल-उदैद अड्डे पर गिरी, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इजरायल द्वारा आने वाली मिसाइलों को रोकने के बाद यरुशलम के आसपास भी धमाकों की खबरें सामने आईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बढ़ते तनाव में, ईरान में लगभग 800 और इजरायल में 11 लोग मारे गए हैं। लेबनान के बालबेक में इजरायल के अतिरिक्त हवाई हमलों में कम से कम चार लोगों की जान चली गई, जबकि पूरे लेबनान में 50 से अधिक लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








