



Disaster Management: प्रकृति जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, या जीवनदायिनी धरती ही काल का ग्रास बनने को आतुर हो, तब मानवीय प्रयासों की कसौटी पर खरी उतरती है ‘आपदा प्रबंधन’ की हमारी तैयारी। इस अग्निपरीक्षा में सफल होने के लिए ही बोकारो में एनडीआरएफ ने एक विशेष अभ्यास का आयोजन किया। बोकारो में उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) कथारा और टीटीपीएस परिसर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण परिचयात्मक अभ्यास आयोजित किया। इस अभ्यास का नेतृत्व एनडीआरएफ के देवीकांत पांडेय ने किया, जिसका प्राथमिक उद्देश्य आपदा प्रबंधन, बचाव कार्यों और विशेषकर खनन दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जवानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
इस विशेष अभ्यास में एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन के जवानों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्हें खान बचाव के लिए गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, जवानों को जहरीले वातावरण में कार्य करने की जटिल प्रक्रियाओं, आधुनिक बचाव उपकरणों के प्रभावी उपयोग और खदानों में फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपात स्थिति में, टीम त्वरित और प्रभावी ढंग से आपदा प्रतिक्रिया दे सके।एनडीआरएफ द्वारा आयोजित यह अभ्यास, जवानों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राष्ट्रीय स्तर पर, एनडीआरएफ नियमित रूप से देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में ऐसे अभ्यास आयोजित करता है। इन अभ्यासों में बाढ़, भूकंप, औद्योगिक दुर्घटनाएं और अन्य प्राकृतिक तथा मानव निर्मित आपदाओं से निपटने का व्यापक प्रशिक्षण शामिल होता है।
Disaster Management: खदानों में बचाव कार्य का विशेष प्रशिक्षण
डीडीएमओ शक्ति कुमार ने बताया कि बोकारो जिले में यह परिचयात्मक अभ्यास कार्यक्रम राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की नौवीं बटालियन, बिहटा (पटना) द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह अभ्यास आगामी 13 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा, जो दर्शाता है कि आपदा प्रतिक्रिया के प्रति एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। मूल रूप से, कुल 16 स्थानों पर ऐसे अभ्यास प्रस्तावित थे, जिनमें से अब तक 12 विभिन्न स्थानों पर परिचयात्मक अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।इस व्यापक कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य आम जनता, विभिन्न संस्थानों और स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन, आपातकालीन तैयारी और सुरक्षा उपायों के प्रति संवेदनशील और जागरूक करना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल विशेषज्ञ बल ही नहीं, बल्कि पूरा समुदाय आपदाओं के प्रति सजग और तैयार रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जागरूकता और आपातकालीन प्रतिक्रिया का महत्व
इन अभ्यासों के माध्यम से, एनडीआरएफ न केवल अपने जवानों की क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि संकट की घड़ी में नागरिक सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करता है। खनन क्षेत्रों में सुरक्षा एक संवेदनशील विषय है, और इस प्रकार के अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल बिहार और देश भर में आपदा न्यूनीकरण प्रयासों को बल प्रदान करती है।


