
Nepal Election: पड़ोसी मुल्क नेपाल का सियासी पारा चढ़ा हुआ है, जहां चुनावी बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर है। 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले आचार संहिता के उल्लंघन के कई संगीन मामले सामने आए हैं, जिसने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं भारतीय सांसद के प्रचार करने पर बवाल मचा है, तो कहीं लाखों की नकदी के साथ उम्मीदवार पकड़े जा रहे हैं।
Nepal Election: भारतीय सांसद के प्रचार पर क्यों खड़ा हुआ विवाद?
नेपाल में होने वाले संसदीय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदम्बिका पाल के प्रचार करने को लेकर एक बड़ी शिकायत दर्ज की गई है। कपिलवस्तु-3 से नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक प्रताप शाह ने उन्हें अपने पक्ष में प्रचार के लिए आमंत्रित किया था। शाह द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में वह भारतीय सांसद के साथ वोटों की अपील करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, विपक्षी दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार वीरेंद्र कनोड़िया ने जिला निर्वाचन कार्यालय में शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग इस मामले की जांच कर स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गौरतलब है कि नेपाल के चुनाव कानून के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक को चुनावी प्रचार में सीधे तौर पर शामिल होने की अनुमति नहीं है। यदि कोई विदेशी नागरिक किसी उम्मीदवार के लिए वोट मांगता पाया जाता है, तो उस उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है। हालांकि, अभिषेक प्रताप शाह के पक्ष ने इसे केवल एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया है और किसी भी औपचारिक चुनावी कार्यक्रम से इनकार किया है।
एक उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द, फिर भी मतपत्र पर रहेगा निशान
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, निर्वाचन आयोग ने धनुषा निर्वाचन क्षेत्र संख्या-1 से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के उम्मीदवार किशोरी साह की उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है। आयोग के प्रमुख आयुक्त रामप्रसाद भण्डारी ने बताया कि बैंक और वित्तीय संस्थानों की काली सूची में नाम होने के सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। कर्जा सूचना केंद्र के अनुसार, कमल निर्माण सेवा प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारक किशोरी साह का नाम 2024 में काली सूची में डाला गया था। उनका नाम चेक बाउंस से संबंधित सूची में भी शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उम्मीदवारी रद्द होने के बावजूद, मतपत्र से उनका चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ नहीं हटाया जाएगा। यदि इस चिन्ह पर सबसे अधिक वोट पड़ते हैं, तो दूसरे स्थान पर रहने वाले वैध उम्मीदवार को विजेता घोषित किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
लाखों की नकदी के साथ दो उम्मीदवार गिरफ्तार
मतदान से ठीक पहले, चुनाव की ‘मौन अवधि’ के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में दो उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया है। जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के सिराहा-3 के उम्मीदवार अशेश्वर यादव और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के पर्सा-2 के उम्मीदवार मनोज चौधरी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, जसपा उम्मीदवार अशेश्वर यादव को नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया है। नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र से आ रही उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी की जांच के दौरान 40 लाख 87 हजार रुपये नकद बरामद हुए, जिसके बाद यादव सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया। वहीं, नेकपा उम्मीदवार मनोज चौधरी को भी नियमित सुरक्षा जांच के दौरान उनके वाहन से कुछ संदिग्ध वस्तुएं बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है।








