
छपरा जहरीली शराब कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एडीजी पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र सिंह गंगवार (ADG JS Gangwar) ने सोमवार को कहा कि छपरा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। न सिर्फ मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया गया है बल्कि शराब बनाने के लिए किन रासायनिक तत्वों का प्रयोग हुआ था, उस दिशा में भी पुलिस आगे बढ़ी है।
पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में एडीजी जेएस गंगवार (ADG JS Gangwar) ने सोमवार को मीडिया से कहा कि इस कांड के मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अर्जुन सिंह ही परिवहनकर्ता और वितरणकर्ता था। उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इसुआपुर से 50 होम्योपैथिक दवा, रसायन से भरी सील बंद बोतल पुलिस ने बरामद की है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस शुरू से उन लोगों को गिरफ्तार कर रही है जो शराब निर्माण, आपूर्ति या अन्य प्रकार से संलिप्त रहे हैं। इसमें अब मुख्य आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि छपरा शराबकांड में मुख्य आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे 24 दिसंबर को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि छपरा जहरीली शराबकांड में अर्जुन सहित कुल तीन मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान अर्जुन सिंह, राजेश सिंह और शैलेंद्र राय के रूप में हुई है। वहीं पुलिस कार्रवाई में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। शराब के निर्माण से लेकर दूसरे जगह पर पहुंचाने वाले कई अन्य लोगों को भी छपरा में पुलिस ने अलग अलग जगहों से गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि छपरा में 13 और 14 दिसंबर से ईसुआपुर, मसरख, अमनौर में संदिग्ध परिस्थितियों में लोगों की मौत होने लगी थी। मसरख और इसुआपुर थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह के साथ-साथ दो अन्य आरोपी राजेश सिंह, शैलेंद्र राय को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी ने अधिक पैसों के लालच में होम्योपैथिक दवा में रसायन को मिलाकर ऐसा पदार्थ बनाया, जिसे बेचा जा सके और इससे अधिक रुपये प्राप्त हो. इसे ही पीने के बाद लोगों की मौतें होने लगी।
उन्होंने दावा किया कि जहरीली शराब का निर्माण होमियोपैथिक दवा और अन्य केमिकल के जरिए बनाया गया था। साथ ही इसे चोरी छिपे लोगों को बेचा गया जिसे पीकर पहले कई लोग बीमार हुए और फिर उनकी जान गई। उन्होंने कहा कि 3 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा दो अन्य लोग फरार हैं जो इसमें मुख्य आरोपी हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
एडीजी ने बताया कि 14 आरोपी को जेल भेज दिया गया है। छापेमारी और गिरफ्तारियां अभी भी जारी है। इस नेक्सस में जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। सील बंद बोतल में जो रसायन, केमिकल मिले हैं, उसकी जांच प्रयोगशाला में कराई जा रही है। अर्जुन सिंह ही मसरख और आस पास के क्षेत्र में जहरीली शराब की खेप को पहुंचाया था।






