
डॉ. विनोद कुमार सिंह को सस्पेंड करने पर उफान आ गया है। इसको लेकर आईएमए ने आपात बैठक बुलाई है। आईएम ने कहा है कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा जाएगा। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एनएमसीएच में कुव्यवस्था को लेकर शुक्रवार को मेडिकल सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया था।
इतना ही नहीं,इसकी सूचना राजद प्रवक्ताओं ने पार्टी के ऑफिशियल ग्रुप में डाल दी। मामला वहीं से भड़का। इसमें लिखा कि ‘माननीय उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री श्री तेजस्वी यादव जी ने कल रात NMCH का औचक निरीक्षण किया था। कार्य में लापरवाही, अपने कर्तव्यों का सही से निर्वहन नहीं करने, प्रशासनिक अक्षमता तथा विभागीय निदेशों की अवेहलना करने के कारण मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर बिनोद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।’
अब इस निलंबन के विरोध में एनएमसीएच के निलंबित मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. विनोद कुमार सिंह ने सरकार को अल्टीमेटम भी दिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले को लेकर वह कोर्ट जाएंगें। इधर, तेजस्वी के इस कार्रवाई से आईएमए की नाराजगी से मामला उलझता जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
डॉ.सिंह ने कहा, मेरे ऊपर कार्रवाई निराधार है। तेजस्वी यादव ने बिना कारण बताओ नोटिस के ये एक्शन लिया है जो कहीं से सही नहीं है। डॉ. सिंह ने कहा,अगर सरकार मेरी बात नहीं सुनेगी तो मैं कोर्ट का सहारा लूंगा।
डॉ. सिंह ने रकार को पत्र लिखने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने अन्यायपूर्ण फैसला लिया है। वहीं,डॉ. सिंह को सस्पेंड करने पर आईएमए ने आपात बैठक बुलाई है। आईएम ने कहा है कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा जाएगा।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहजानंद सिंह का कहना है कि पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाता तो उसका हम जवाब देते लेकिन ये एक्शन बिलकुल गलत है। डॉक्टर बिनोद कुमार सिंह जैसे कर्तव्य निष्ठ डॉक्टर का सस्पेंशन बिल्कुल गलत है।
इस पूरे मामले को लेकर शनिवार की शाम बिहार आईएमए और राष्ट्रीय आईएमए इमरजेंसी मीटिंग करने जा रहा है। यही नहीं आईएमए इसको लेकर नाराजगी जताते हुए सीएम नीतीश कुमार को खत लिखने की तैयारी कर रहा है।
आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.डीएस सिंह ने कहा कि ‘सरकार के इस निर्णय से डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए डॉक्टरों को प्रताड़ित कर रही है। खुद कटघरे में होने के बावजूद डॉक्टरों पर कार्रवाई करती है। यह हमें स्वीकार्य नहीं। आईएमए ने चेतावनी दी है कि ‘सरकार डॉ. विनोद कुमार सिंह का निलंबन तत्काल वापस नहीं लेती है तो इसके परिणाम गंभीर होंगे।
वहीं, तेजस्वी यादव पूरे एक्शन में हैं। उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि इससे कोई समझौता नहीं हो सकता। काम करना ही होगा। इससे पहले भी एक माह पूर्व तेजस्वी यादव ने पीएमसीएच में औचक निरीक्षण के बाद एक जूनियर डॉक्टर का एक दिन का वेतन काटा था। सफाई एजेंसी पर 25 हजार रुपए का फाइन किया गया था।
एजेंसी को चेतावनी दी थी कि आगे सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं रही तो कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द कर दिया जाएगा। अब तेजस्वी यादव द्वारा गुरुवार को एनएमसीएच के औचक निरीक्षण के बाद वहां के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विनोद कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। गुरुवार को तेजस्वी यादव एनएमसीएच यानि नालंदा मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण पर निकले थे। इस दौरान उन्होंने वहां का हाल जाना और मरीजों से बात की।
इसके बाद तेजस्वी यादव वहां से लौट गए। लेकिन शुक्रवार शाम को उन्होंने एनएमसीएच के अधीक्षक विनोद कुमार राय को निलंबित करने की कार्रवाई की। वहां मौजूद मरीज़ों ने तेजस्वी यादव के सामने कई शिकायतें रख दी। इसके बाद वे तुरंत एक्शन में आ गए और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ विनोद कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया।




