
बेगूसराय में क्राइम का ग्राफ लगातार हावी है। यहां कोई भी दिन ऐसा नहीं जहां अपराधियों ने तांडव ना मचाया हो। इसको देखते हुए गृह विभाग ने एक बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब बड़े शहरों की तरह बेगूसराय में भी अब दो पुलिस अधीक्षक (एसपी) होंगे। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। उसके अनुसार बेगूसराय में आरक्षी अधीक्षक ग्रामीण का पद सृजित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अधिकारी की पोस्टिंग होते ही वर्तमान पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ ग्रामीण आरक्षी अधीक्षक (ग्रामीण एसपी) भी अब बेगूसराय में बैठकर विधि व्यवस्था संधारित करेंगे। इसके साथ ही बढ़ रहे साइबर क्राइम को लेकर बेगूसराय में साइबर क्राइम स्पेशल पुलिस उपाधीक्षक का पद सृजित किया गया है।
बढ़ती जनसंख्या के साथ बढ़ रहे अपराध और अपराध के नए-नए आयाम को लेकर गृह विभाग ने पांच नए पद का सृजन किया गया है। इसमें सामान्य अपराध के साथ-साथ बढ़ते साइबर क्राइम पर भी गृह विभाग ने एक्शन लिया है।
इसकी एक वजह यह भी है कि हथियार कारखाना मुंगेर का पड़ोसी जिला होने के कारण यहां देशभर के हथियार तस्करों की गतिविधि भी सक्रिय रहती है। कुल मिलाकर तमाम मुद्दों के मद्देनजर गृह विभाग द्वारा सृजित किए गए पद से अपराध पर कुछ हद तक काबू पाए जाने की संभावना बढ़ गई है।
इसके अलावा विशेष सशस्त्र पुलिस वाहिनी-आठ (बीएमपी-आठ) में वरीय पुलिस उपाधीक्षक का तीन पद सृजित किया गया है। उल्लेखनीय है कि 18 प्रखंड में बंटा करीब 35 लाख की जनसंख्या वाला बेगूसराय जिला एक ओर बिहार की औद्योगिक राजधानी है, तो दूसरी ओर अपराध के लिए चर्चित रहा है।
सरकार के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक अपराध पर काबू पाने के लिए एक्शन मोड में काम करते रहे हैं। इसके बावजूद यह जिला आपराधिक गतिविधियों काफी सक्रिय है, हत्या, लूट और अन्य अपराध के साथ-साथ काफी तेजी से साइबर क्राइम भी बढ़ रहे हैं। बिहार के सबसे औद्योगिक बड़े समूह इंडियन ऑयल एवं खाद कारखाना को लेकर देश के बड़े-बड़े ठेकेदार का काम चलते रहता है तो इस पर भी अपराधियों की नजर रहती है।


