Senior National Volleyball Championship: जब देश की युवा ऊर्जा कोर्ट पर उतरती है, तो सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक नए भारत की तस्वीर उभरती है। काशी की धरती पर खेल की यह नई गाथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार कर रही है।
काशी में पीएम मोदी ने किया 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, बताया ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का नजारा
72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप: खेल और राष्ट्र निर्माण का समन्वय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन किया। काशी के सांसद के रूप में खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सुंदर तस्वीर पेश कर रहा है, क्योंकि इसमें देश के 28 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल के खेल को भारत की प्रगति से जोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘वॉलीबॉल संतुलन, सहयोग और इच्छाशक्ति का खेल है। जिस तरह वॉलीबॉल में जीत टीम के आपसी भरोसे और तालमेल पर निर्भर करती है, वैसे ही हमारा देश भी टीम भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाता है, तभी राष्ट्र सफल होता है।’ यह दर्शाता है कि खेल और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य एक दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। पीएम मोदी के अनुसार, वॉलीबॉल का मैदान एक छोटे भारत जैसा है, जहां विविधता के बावजूद एक लक्ष्य के लिए सब मिलकर प्रयास करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे भारत अपनी विभिन्नताओं के साथ विकास की राह पर अग्रसर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भारत का बदलता खेल मॉडल और महत्वाकांक्षी लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद से भारत का खेल मॉडल पूरी तरह से बदल चुका है। अब सरकार की नीतियां एथलीटों के कल्याण को प्राथमिकता देती हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें। उन्होंने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इन सुधारों से खेलों में पारदर्शिता आएगी और सही प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यह नीतियां देश में खेलों का विकास सुनिश्चित करने और भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन कदमों से भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हो रहा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री ने भारत की भविष्य की खेल योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में भारत ने फीफा अंडर-17 और हॉकी वर्ल्ड कप जैसे 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की सफलतापूर्वक मेजबानी की है, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी क्षमता साबित हुई है। पीएम ने आत्मविश्वास के साथ कहा, ‘भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए सक्रिय रूप से दावेदारी की तैयारी कर रहा है।’ यह भारत के बढ़ते वैश्विक कद और खेल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खेल जगत की इन बड़ी खबरों के बीच, देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
काशी: खेल हब के रूप में उभरता एक शहर
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि काशी में तैयार हो रहे नए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर से यहां के युवाओं को बहुत फायदा हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी अब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। यह काशी को केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण खेल केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा। काशी का यह बदलता स्वरूप नए भारत की तस्वीर पेश कर रहा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




