

पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा: छात्रों को ‘मेक इन इंडिया’ और समग्र विकास का मंत्र
पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा: युवा शक्ति का आत्मनिर्भर भारत में योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने आधिकारिक आवास, 7, लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) के नौवें संस्करण में देश भर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। इस महत्वपूर्ण संवाद में, PM Modi Pariksha Pe Charcha का मुख्य ध्येय केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को अपनाते हुए जीवन के सर्वांगीण विकास पर जोर देना था। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विचार को भी मजबूती से प्रस्तुत किया, ताकि युवा पीढ़ी देश की एकता और अखंडता को समझे और आत्मसात करे।
पीएम मोदी ने छात्रों को अपनी पढ़ाई और रुचियों के बीच संतुलन बनाए रखने की अहम सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सफलता के लिए पढ़ना एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि छात्रों को सभी की सलाह सुननी चाहिए, लेकिन अंततः उन्हें अपने अंतर्ज्ञान और आत्मविश्वास पर भरोसा करते हुए अपने तरीके से काम करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्हें लोग सलाह देते रहते हैं, लेकिन उन्होंने अपने काम करने के तरीके में कुछ बदलाव किए हैं, पर अपना ‘मूल तरीका’ कभी नहीं छोड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आपके माता-पिता, या शिक्षक, या दोस्त कुछ भी कहें, आप सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए अपने तरीके पर विश्वास रखें और उसका पालन करें।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “मैं बीते हुए कल को नहीं देखता, मैं हमेशा आने वाले कल को देखता हूं… कई बार शिक्षक सिर्फ़ वही पढ़ाते हैं जो महत्वपूर्ण होता है और जिससे आपको अच्छे नंबर मिल सकें, लेकिन एक अच्छा शिक्षक सर्वांगीण विकास पर ध्यान देता है और सब कुछ सिखाता है।” यह उनके ‘करियर मार्गदर्शन’ के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ सिर्फ़ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल दुनिया की चुनौती
छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को AI का उपयोग करने की सलाह दी, लेकिन साथ ही यह भी चेताया कि यह हमेशा उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद नहीं करेगा। जब एक छात्र ने गेम डेवलपर बनने की इच्छा व्यक्त की, तो पीएम मोदी ने कहा कि गेमिंग निश्चित रूप से एक कौशल है, लेकिन इसे केवल मनोरंजन या समय बिताने के माध्यम के रूप में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने समझाया कि गेमिंग का उपयोग सतर्कता की जांच करने और आत्म-विकास के लिए किया जा सकता है, लेकिन भारत में इंटरनेट सस्ता होने के कारण इसे समय बर्बाद करने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं। उन्होंने छात्रों को आगाह करते हुए कहा, “आपको गेमिंग में दिलचस्पी है, लेकिन सिर्फ़ इसलिए समय बिताने के लिए इसमें शामिल न हों क्योंकि भारत में डेटा सस्ता है। मजे के लिए ऐसा न करें। जो लोग पैसे के लिए गेमिंग करते हैं, वे बर्बाद हो जाएंगे। हमें देश में जुए को बढ़ावा नहीं देना है। मैंने ऑनलाइन जुए के खिलाफ कानून बनाया है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
परीक्षा पे चर्चा का नौवां संस्करण
इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा’ का नौवां संस्करण आयोजित किया गया, जिसका पहला आयोजन 2018 में हुआ था। इस कार्यक्रम को दिल्ली में संसद के बाल योगी ऑडिटोरियम के साथ-साथ असम के गुवाहाटी, छत्तीसगढ़ के रायपुर, तमिलनाडु के कोयंबटूर और गुजरात के देव मोगरा सहित विभिन्न स्थानों पर भी प्रसारित किया गया। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों सहित कुल 4.5 करोड़ लोगों ने पंजीकरण कराया था, जो इस संवाद की बढ़ती लोकप्रियता और पहुंच को दर्शाता है। यह कार्यक्रम लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उनके ‘करियर मार्गदर्शन’ में अहम भूमिका निभाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।



