
Purnea Crime: जीवन की डगर पर जब भरोसा डगमगा जाए, और घर की दहलीज पार करते ही कोई अनहोनी घात लगाए बैठी हो, तो हर आत्मा सिहर उठती है। पूर्णिया में एक ऐसा ही हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और विश्वास पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यह घटना डगरुआ थाना क्षेत्र के विश्वासपुर की है, जहां 11 मार्च से लापता 18 साल की एक किशोरी का शव मक्का के खेत से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
Purnea Crime: आक्रोशित ग्रामीणों ने किया एनएच 31 जाम, पुलिस टीम को खदेड़ा
शव मिलने की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते परिजनों व ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सैकड़ों की संख्या में लोग राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 31 पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। उनका आक्रोश इतना प्रबल था कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। मृतका रामपुर पंचायत के चतरा की रहने वाली थी। परिजनों ने बताया कि किशोरी 11 मार्च की रात शौच के लिए घर से निकली थी और उसके बाद से लापता थी। 12 मार्च को परिजनों ने डगरुआ थाना में गुमशुदगी की तहरीर दी थी।
पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने इस मामले की गहन जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जांच में मिली जानकारी के अनुसार, लापता किशोरी एक लड़के के संपर्क में थी, जिसने उसे मेला घुमाने के बहाने घर से ले गया था। इसके बाद आरोपी लड़के ने अपने एक दोस्त की दुकान में किशोरी के साथ बलात्कार किया और फिर अपने अन्य दोस्तों के साथ भी संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। किशोरी ने जब इसका विरोध किया और संबंध बनाने से इनकार कर दिया, तो संघर्ष के दौरान उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को मक्के के खेत में छिपा दिया गया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलने पर जिला मुख्यालय से एडिशनल एसपी आलोक रंजन तुरंत मौके पर पहुंचे। अनुमंडल क्षेत्र के डगरुआ, बायसी, अमौर, रौटा थाना सहित जिला मुख्यालय से भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी भी घटनास्थल पर बुलाए गए। स्थानीय बायसी विधायक गुलाम सरवर भी ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को शांत करने के लिए वहां मौजूद थे। सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से, और मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद, एडिशनल एसपी आलोक रंजन ने लगभग चार घंटे से लगे जाम को समाप्त करवाया।
एडिशनल एसपी आलोक रंजन ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केस के एक मुख्य अभियुक्त को बीती रात गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस हिरासत में उससे की गई गहन पूछताछ और उसकी निशानदेही पर ही आज सुबह मक्के के खेत से किशोरी का शव बरामद किया गया है। पुलिस की टीम अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। थाना अध्यक्ष ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद ही शव की बरामदगी संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि 12 मार्च को सुखदेव चौधरी द्वारा डगरूआ थाना में अपनी 18 वर्षीय पुत्री के अपहरण के संबंध में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया गया था। तकनीकी अनुसंधान और पुलिस की तत्परता से अभियुक्त सचिन (20 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। सचिन ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले चार महीने से मृतका के संपर्क में था और फोन पर उनकी लगातार बातचीत होती थी। 11 मार्च को वह किशोरी को अपने अन्य दोस्तों के साथ मेला दिखाने ले गया था। एक दोस्त की दुकान में सचिन ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर अन्य दोस्तों से भी संबंध बनाने को कहा। जब किशोरी ने विरोध किया, तो संघर्ष के दौरान उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को खेत में फेंक दिया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
एसपी स्वीटी सहरावत के अनुसार, अभियुक्त सचिन की निशानदेही पर शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस सर्विसेज (एफएसएस) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी मिल सके। एसपी ने यह भी बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना समाज में सामूहिक दुष्कर्म और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और कानून के अनुसार दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात कही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




