पूर्वांचल की जीवनरेखा कही जाने वाली रेल पटरियों पर अब रफ्तार का नया अध्याय लिखा जाने वाला है। वर्षों से एक पटरी पर हांफती ट्रेनों को अब जल्द ही डबल ट्रैक की सौगात मिलने वाली है। Rail Route Double Track: पूर्णिया-अररिया रेल मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह खबर किसी अमृत वर्षा से कम नहीं। कटिहार-जोगबनी रेलखंड को डबल ट्रैक करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है, जिसका सर्वे कार्य पूरा हो चुका है।
इस परियोजना से क्षेत्र में ट्रेन सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि समय की बचत भी करेगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी की पुरानी समस्या भी बीते दिनों की बात हो जाएगी।
पूर्णिया-अररिया में Rail Route Double Track: सुगम होगी यात्रा, बढ़ेगी रफ्तार
कटिहार-जोगबनी रेलखंड को डबल ट्रैक करने का काम यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो इसके अगले चरणों की शुरुआत का संकेत है। डबल ट्रैक होने से इस रूट पर एक साथ कई ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा, जिससे ट्रेनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यात्री अब बिना किसी अनावश्यक देरी के अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
यह परियोजना दशकों से चली आ रही दिक्कतों को दूर करेगी और पूर्णिया-अररिया क्षेत्र को एक आधुनिक रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी। सर्वे पूरा होने के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस परियोजना से क्षेत्रीय रेलवे सेवाओं में उन्नति को एक नई दिशा मिलेगी और यह बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
रेलवे के विकास की नई बानगी
यह डबल ट्रैक परियोजना क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्णिया और अररिया जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाला यह रेलखंड, पूर्वोत्तर भारत के लिए भी एक रणनीतिक महत्व रखता है। कटिहार-जोगबनी खंड पर यह रेलवे सेवाओं में उन्नति, क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई में भी तेजी आएगी, जिससे स्थानीय बाजारों और कृषि उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे। यह डबल ट्रैक परियोजना बिहार के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





