
NEET student death: पटना की गलियों में एक युवा छात्रा के सपनों को कुचलने वाली रहस्यमय मौत का मामला अब राजनीतिक अखाड़े में गरमा गया है। न्याय की उम्मीदों पर सियासत की काली छाया पड़ चुकी है, और इस मामले ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण पर केंद्र सरकार और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है।
NEET student death मामले में सियासी हंगामा
राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पटना के एक हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग करने के कारण ही पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पप्पू यादव की यह गिरफ्तारी महज एक राजनीतिक प्रतिशोध है, जिसका एकमात्र उद्देश्य इस संवेदनशील मामले से जुड़ी मुखर आवाजों को खामोश करना है। उन्होंने आगे कहा, “इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर खड़े रहे मेरे साथी सांसद पप्पू यादव जी। उनकी आज की गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से राजनीतिक प्रतिशोध है, जिसका उद्देश्य जवाबदेही की मांग करने वाली हर आवाज को डराना और चुप कराना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।”
पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।
पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल सामने आ गया – केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।
इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए। आज उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही माँगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। यह एक भयावह साज़िश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहाँ और भी बेटियाँ शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आँखें मूँद कर बैठी है।
यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।
पप्पू यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था, जिसका कारण 1995 के एक पुराने, कथित भूमि विवाद मामले में उनकी अदालत में पेशी न होना बताया गया। हालांकि, पूर्णिया सांसद ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर गहरी सुरक्षा संबंधी आशंकाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने मीडिया से कहा था, “मुझे शक है कि इन्हीं लोगों ने हत्या की होगी। मैं सीधे अदालत जाऊंगा। मैं पुलिस स्टेशन नहीं जाऊंगा। अगर वे चाहें तो मुझे नजरबंद कर सकते हैं।” कांग्रेस के इस कद्दावर नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपराधियों को बचाने के लिए इस पूरे मामले को पटरी से उतारने और पीड़ित परिवार को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार की ताजातरीन ख़बरों के लिए आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में रहस्यमय मौत और उसके बाद की पूरी घटना ने एक बार फिर हमारी व्यवस्था में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब पीड़ित परिवार ने एक निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो भाजपा-एनडीए की वही पुरानी रणनीति दोहराई गई – मामले को भटकाना, परिवार को परेशान करना और राज्य की शक्ति का दुरुपयोग करके वास्तविक दोषियों को संरक्षण देना।
बिहार की बेटियों का सम्मान और सुरक्षा: एक गंभीर सवाल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह घटना केवल एक अकेले मामले तक सीमित नहीं लगती। राहुल गांधी के अनुसार, यह एक भयावह साजिश और खतरनाक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है, जहां और भी कई बेटियां इस तरह की घटनाओं का शिकार बन रही हैं। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर आरोप लगाया कि वे इस भयावह वास्तविकता से आंखें मूंदकर बैठे हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि “यह केवल राजनीति का मामला नहीं है; यह न्याय का सवाल है। यह बिहार की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें“

