

Rajya Sabha Elections: राज्यों के सियासी अखाड़े में अब राज्यसभा के लिए रणभेरी बज चुकी है। उच्च सदन में सीटों के लिए होड़ मचेगी, जहां कई दिग्गजों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
Rajya Sabha Elections: उच्च सदन में नए चेहरों की दस्तक, 37 सीटों पर होगा महासंग्राम!
Rajya Sabha Elections: 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान, चुनाव आयोग का ऐलान
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार, 18 फरवरी 2026 को राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों की घोषणा कर दी है। ये सभी सीटें अप्रैल 2026 में अलग-अलग तारीखों पर रिक्त हो रही हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इन महत्वपूर्ण सीटों को भरने के लिए 16 मार्च को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। इन चुनावों में देश के 10 राज्य शामिल हैं, जिनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार प्रमुख हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल इसी वर्ष समाप्त हो रहा है, जिसके चलते इन चुनावों का आयोजन अनिवार्य हो गया है।
आगामी चुनावों में महाराष्ट्र में सर्वाधिक 7 राज्यसभा सीटें दांव पर होंगी। इसके बाद तमिलनाडु में 6, और पश्चिम बंगाल व बिहार में भी छह-छह सीटें रिक्त हो रही हैं। ओडिशा में 4 सीटों के लिए चुनाव होंगे, जबकि असम में 3 सीटों पर मतदान होगा। छत्तीसगढ़, हरियाणा और तेलंगाना में दो-दो सीटें खाली हो रही हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश से एक राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह चुनावी प्रक्रिया देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
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राज्यवार समीकरण: कौन रहेगा हावी?
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की 7 रिक्त सीटों में से वर्तमान में भाजपा और राकांपा-एसपी (NCP-SP) के पास दो-दो सीटें हैं। कांग्रेस और रामदास अठावले की आरपीआई (ए) के पास एक-एक सीट है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पास भी एक सीट मौजूद है। इस बार जिन प्रमुख सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार का नाम भी शामिल है। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को इन चुनावों में बहुमत प्राप्त होने की संभावना है।
तमिलनाडु: तमिलनाडु में चुनावी परिदृश्य में यथास्थिति बने रहने की उम्मीद है। वर्तमान में, डीएमके के पास 4 सीटें, एआईएडीएमके के पास 1 और टीएमसी-एम के पास 1 सीट है। इससे संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में इंडिया ब्लॉक को 4 सीटें और एनडीए को दो सीटें मिल सकती हैं। यह राज्य के राजनीतिक संतुलन को दर्शाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा की जंग दिलचस्प होगी, जहां भाजपा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने की तैयारी में है। उम्मीद है कि भगवा पार्टी इस राज्य में अपना खाता खोलते हुए कम से कम एक सीट पर जीत दर्ज करेगी। मौजूदा स्थिति में, टीएमसी के पास 4 और सीपीआई-एम के पास 1 सीट है, जिसका अर्थ है कि भाजपा को सीपीआई-एम से एक सीट मिलने की प्रबल संभावना है, क्योंकि यह वामपंथी राजनीतिक दल राज्य में तेज़ी से अपनी पकड़ खो रहा है।
बिहार: बिहार में 5 राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं। वर्तमान में, इनमें से दो जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), दो राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के पास हैं। गठबंधन के दृष्टिकोण से, खाली हो रही सीटों में से तीन पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों का कब्जा था, जबकि दो सीटें इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के पास थीं। इन चुनावों के नतीजे बिहार की सियासी तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


