
रक्सौल एयरपोर्ट: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल हवाई अड्डा जल्द ही बिहार के लिए एक नया रोमांचक केंद्र बनने जा रहा है। यहां सिर्फ हवाई उड़ानें ही नहीं, बल्कि अब पैराग्लाइडिंग, स्काईडाइविंग और हॉट एयर बैलूनिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी मजा ले पाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत रक्सौल को एक मॉडल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो ना केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि पर्यटन और रोमांचक गतिविधियों का भी हब बनेगा।
रक्सौल हवाई अड्डे का निरीक्षण और संभावनाएं
हाल ही में एयरो क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव ग्रुप कैप्टन अरविंद बडोनी के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय टीम ने रक्सौल का दौरा किया। टीम का उद्देश्य हवाई अड्डे के विकास और अन्य संभावित गतिविधियों का अध्ययन करना था। बडोनी ने कहा कि रक्सौल में जिस तरह जमीन की उपलब्धता है, उसे देखते हुए यहां एयरो स्पोर्ट्स के साथ-साथ कई तरह की गतिविधियों के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। टीम ने रक्सौल अंचल के राजस्व अधिकारी से मुलाकात कर एयरपोर्ट के लिए जमीन की उपलब्धता संबंधी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की मांग के बाद राज्य सरकार की अनुमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
फ्लाइंग इंस्टीट्यूट और एयरो स्पोर्ट्स का केंद्र बनेगा रक्सौल एयरपोर्ट
मौजूदा हवाई पट्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन करने के बाद टीम लीडर अरविंद बडोनी ने विश्वास व्यक्त किया कि रक्सौल भविष्य में फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के साथ-साथ एयरो स्पोर्ट्स का भी एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यहां कई रोमांचक हवाई गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पैराग्लाइडिंग
- स्काईडाइविंग
- पैरामोटरिंग
- हॉट एयर बैलूनिंग
बडोनी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण इन गतिविधियों के लिए दोनों देशों के लोग आकर्षित होंगे, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा, बल्कि पड़ोसी नेपाल के नागरिकों को भी इन सुविधाओं का सीधा फायदा मिलेगा। टीम ने रक्सौल हवाई अड्डे के निरीक्षण के बाद संतोष व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि रक्सौल जल्द ही देश के हवाई मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेगा।
राज्य सरकार की सक्रियता और विकास योजनाएं
रक्सौल हवाई अड्डे को लेकर केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें बेहद सकारात्मक हैं। बीते दिनों उपराष्ट्रपति के मोतिहारी आगमन के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से घोषणा की थी कि रक्सौल एयरपोर्ट के लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। वर्तमान में, राज्य सरकार की निगरानी में जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है। अधिग्रहण के बाद इसका तेजी से विस्तार किया जाएगा ताकि इसे एक वाणिज्यिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार सरकार बड़े विमानों के संचालन के लिए यहां रनवे का विस्तार करने हेतु लगभग 139 एकड़ जमीन अधिग्रहण पर 208 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। भारत सरकार ने रक्सौल एयरपोर्ट को उड़ान (UDAN) 5.2 योजना में शामिल किया है और कनेक्टिंग उड़ानों के लिए बोलियां भी आमंत्रित की जा चुकी हैं। पिछली योजनाओं में एक नया टर्मिनल बनाने और मौजूदा हवाई पट्टी को 2,360 मीटर तक विस्तारित करने का कार्य चल रहा है। इस तरह, रक्सौल जल्द ही हवाई सेवा, अत्याधुनिक फ्लाइंग इंस्टीट्यूट और एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






