
बिहार कैबिनेट ने आज कुल 21 एजेंडों पर मुहर लगाई है। मुख्य सचिवालय में सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक में सूबे के कर्मियों और पेंशन भोगियों को बड़ा तोहफा दिया है। वहीं,बिहार के 11 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
इसमें जहानाबाद, गया, औरंगाबाद, शेखपुरा, नवादा, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर, बांका, जमुई एवं नालंदा शामिल है। कुल 96 प्रखंडों के 937 पंचायतों के 7841 राजस्व ग्राम सूखे से प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में हरेक परिवार के खाते में 35 सौ रू सरकार की तरफ से भेजी जायेगी। वहीं, नीतीश सरकार ने दीपावली के मौके पर कर्मियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा कर बड़ा ऐलान कर दिया है।
वेतन भोगियों, पेंशन भोगियों को 1 जुलाई 2022 के प्रभाव से 34 फ़ीसदी के स्थान पर 38 फ़ीसदी महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गई है. वहीं शराबबंदी को सफल बनाने के लिए 905 मद्ध निषेध कर्मियों को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। सैप में कार्यरत कुल 3953 सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुबंध अवधि 2022-23 के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई है।
बिहार के प्रोबेशन निदेशालय में अतिरिक्त 97 निम्न वर्गीय लिपिक, 30 उच्च वर्गीय लिपिक तथा 10 प्रधान लिपिक यानी कुल 137 अतिरिक्त लिपिक संवर्ग के पदों की स्वीकृति दी गई है. इस पर हर साल 5 करोड़ 25 लाख से अधिक का खर्च आएगा।
सरकार पहले राज्यकर्मियों को 34 फीसदी महंगाई भत्ता देती थी जिसे बढ़ाकर 38 फीसदी कर दिया गया है। वहीं सरकार ने राज्य के 11 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। जिसमें 11 जिलों के कुल 96 प्रखंडों के 937 पंचायतों के 7841 गांवों और इसके अंतर्गत आने वाले टोलों और बसावट शामिल हैं। सरकार 11 जिलों के प्रभावित किसानों को 3500 रुपए की विशेष सहायता देगी।
गृह विभाग के तहत बिहार पुलिस के अंतर्गत SAP में बहाल 3953 सेवानिवृत सैनिकों के अनुबंध को सरकार ने 2022-2023 तक बढ़ा दिया है। जबकि गृह विभाग (कारा) के तहत प्रोबेशन कार्यालयों में कार्यों में तेजी लाने के लिए कैबिनेट ने 137 अतिरिक्त लिपिक के पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। वहीं सरकार ने शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए 905 अतिरिक्त अराजपत्रित पदों के सृजन को स्वीकृति दी है।
राज्य में सुखाड़ की स्थिति में फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान के लिए साल 2022-23 के लिए सरकार ने नवासी करोड़ पंचानवे लाख रुपए के अतिरिक्त कुल एक सौ करोड़ रुपए अग्रिम राशि की निकासी एवं व्यय को स्वीकृति दी है।
शराबबंदी को सफल बनाने के लिए बिहार मद्य निषेध अवर सेवा के विभिन्न कोटि के 905 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इन पदों की स्वीकृति से पटना जिले में छह, भागलपुर में दो, पश्चिम चंपारण में दो समेत अन्य जिलों में चलंत दल गठित की जाएगी। जो शराब माफियाओं पर छापेमारी करेगी. सीमावर्ती जिलों में कार्यरत कुल 16 जांच चौकी में पर्याप्त पदाधिकारी एवं मद्य निषेध सिपाही का भी पदस्थापन हो सकेगा।
बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से 2022-23 में विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन के लिए 4 करोड़ रुपए की अग्रिम स्वीकृति एवं निकासी का फैसला लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनील कुमार वर्मा बनाम बिहार एवं अन्य में 12 सितंबर 2022 को पारित आदेश के अनुपालन में सुनील कुमार वर्मा को जिला न्यायाधीश से सीधी भर्ती 2016 के तहत पुनः नियुक्त करने का निर्णय सरकार ने लिया है।
बिहार के 22 प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालयों के लिए पूर्व में सृजित कुल 1420 शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों के पदों को प्रत्यर्पण किया गया है। साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों के कुल 1420 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इसके फलस्वरूप नव स्थापित महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार ने निवेश प्रोत्साहन नीति को प्रभावी बनाने के लिए कुछ संशोधन किए हैं। नीति में संशोधन करते हुए सेवा प्रक्षेत्र में आईटी पार्क, कॉल सेंटर, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र एवं इलेक्ट्रॉनिक फेब्रिकेशन, स्टार्टअप को-वर्किंग स्पेस एवं स्टार्ट अप (start-up) हब, वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक पार्क और रिसर्च लाइव,इन सभी को सरकार बियाड़ा की जमीन आवंटित करेगी। 200 करोड़ से अधिक परियोजना वाली इकाइयों के लिए प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष की गई है।
दो करोड़ से कम निवेश प्रस्ताव पर निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य प्रोत्साहन निवेश बोर्ड को प्राधिकृत किया गया है।
वहीं सरकार ने जल संसाधन विभाग के तहत संविदा के आधार पर भू-अर्जन विशेषज्ञ के दो पदों के सृजन को स्वीकृत किया है। सरकार ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के साथ साथ पुण्यतिथि को भी राजकीय समारोह के रूप में मनाने का फैसला लिया है। अब हर वर्ष 8 अक्टूबर को जेपी की पुण्यतिथि राजकीय समारोप के रूप में मनाई जाएगी।
साल 2022-2023 में बीपीएससी द्वारा विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन के लिए सरकार ने चार करोड़ रुपए की अग्रिम एवं निकासी की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 में संसोधन को स्वीकृति दी है। शिक्षा विभाग के तहत सरकार ने राज्य के 22 सरकारी महाविद्यालयों के लिए पूर्व में सृजित किए गए कुल 1420 शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों के प्रत्यर्पण तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के कुल 1420 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।





