Siddaramaiah Record: राजनीति की पिच पर रिकॉर्ड बनते भी हैं और टूटते भी। कभी-कभी खिलाड़ी खुद ही अपने बनाए रिकॉर्ड को तोड़ने की चुनौती दे देते हैं। ठीक वैसे ही, जैसे कर्नाटक की सियासी गलियों में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि जनता के आशीर्वाद से पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रिकॉर्ड समय के साथ टूटते रहते हैं।
मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिद्धारमैया ने बताया कि देवराज उर्स भी मैसूरु जिले के ही निवासी थे और वे भी उसी क्षेत्र से आते हैं। उन्होंने दावा किया, “जनता के आशीर्वाद से उनका रिकॉर्ड टूट जाएगा। मेरी और उनकी कोई तुलना नहीं है। तब परिस्थितियाँ अलग थीं और अब अलग हैं। मेरी राजनीतिक यात्रा में मौजूदा स्थितियाँ मुझे यहाँ तक लाई हैं।” मुख्यमंत्री ने 1983 के विधानसभा चुनावों को याद करते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें धन और वोटों के साथ समर्थन दिया था, जबकि देवराज उर्स एक अलग राजनीतिक युग में मुख्यमंत्री बने थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सिद्धारमैया ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “रिकॉर्ड तो तोड़ने के लिए ही बनते हैं। भविष्य में कोई भी उन्हें तोड़ सकता है।” उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड विराट कोहली ने तोड़ा, उसी तरह भविष्य में कोई ऐसा व्यक्ति आ सकता है जो उनसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे और उनसे अधिक बजट पेश करे। यह बयान कर्नाटक की राजनीति में एक नए आयाम की ओर इशारा करता है।
सिद्धारमैया रिकॉर्ड: आखिर क्यों है इतनी चर्चा?
मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। देवराज उर्स कर्नाटक के एक दिग्गज मुख्यमंत्री रहे हैं, और उनके कार्यकाल के रिकॉर्ड को तोड़ने की बात सिद्धारमैया के आत्मविश्वास को दर्शाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह भविष्यवाणी कब तक हकीकत का रूप लेती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी बीच, प्रस्तावित उपकरण सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृष्णा भैरेगौड़ा ने कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मंत्रिमंडल फेरबदल और अन्य राजनीतिक चुनौतियां
मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वे इस विषय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने मुझे जनवरी में फोन करने की बात कही थी। यदि वे फोन करते हैं, तो मैं उनसे मिलने जाऊंगा।” यह कर्नाटक राजनीति में अहम बदलावों का संकेत हो सकता है।
बल्लारी मामले पर भी सिद्धारमैया ने अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि भाजपा इस मामले में एक मौजूदा न्यायाधीश से जांच की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, “पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पहले रिपोर्ट आने दीजिए, उसके बाद ही हम यह तय करेंगे कि किस प्रकार की जांच की आवश्यकता है।”
वीबीजी राम जी द्वारा गारंटी योजनाओं की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,000 करोड़ रुपये का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ डालेगा। इस प्रकार, कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण मुद्दे एक साथ चल रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





