
Srinagar Leh Highway Avalanche: जीवन की अनिश्चितता का क्रूर प्रदर्शन! हिमालय की गोद में बर्फीले तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि हंसते-खेलते परिवार पल भर में काल के गाल में समा गए। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमस्खलन ने एक बार फिर प्रकृति के रौद्र रूप की याद दिलाई, जहाँ बर्फ के सैलाब ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
Srinagar Leh Highway Avalanche: कैसे हुआ यह हादसा?
Srinagar Leh Highway Avalanche: जीवन की अनिश्चितता का क्रूर प्रदर्शन! हिमालय की गोद में बर्फीले तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि हंसते-खेलते परिवार पल भर में काल के गाल में समा गए। शुक्रवार को श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण हिमस्खलन में एक बच्चा और दो महिलाओं सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह घातक दुर्घटना दोपहर के समय ‘जीरो पॉइंट’ और जोजिला दर्रा पर मिनिमार्ग के बीच के इलाके में हुई।
कई हिमस्खलन की घटनाओं के कारण राजमार्ग पर चल रहे कई वाहन भारी मात्रा में बर्फ के नीचे दब गए। ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरते समय अचानक बर्फ का यह सैलाब आया, जिसने वाहनों को पल भर में अपनी चपेट में ले लिया। घटना के तुरंत बाद, बचाव अभियान तेजी से शुरू किया गया। फंसे हुए लोगों को निकालने और बर्फ को हटाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं। मृतकों में 10 साल का एक बच्चा और दो महिलाएं शामिल हैं, जिनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस घटना में सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जोजिला दर्रे पर हिमस्खलन के कारण सात लोगों की दुखद मौत और पांच लोगों के घायल होने की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।” उन्होंने यह भी बताया कि घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।
बचाव अभियान जारी, टीमें तैनात
गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खालिद पोसवाल ने पुष्टि की कि कुल तीन वाहन हिमस्खलन की चपेट में आए थे। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, लद्दाख पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और नागरिक प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर तैनात की गईं। इन सभी का उद्देश्य सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पतालों तक पहुंचाना था। एसएसपी ने जानकारी दी कि अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो और शवों के मलबे में दबे होने की आशंका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान अभी भी जारी है और मलबा हटाने तथा राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
उच्चाधिकारियों ने जताया दुख, स्थिति पर रखी जा रही नजर
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हृदय विदारक घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और बचाव एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस जानमाल के भारी नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस घातक दुर्घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा की चुनौतियों और खतरों को उजागर किया है, जिसके लिए निरंतर सतर्कता और बेहतर आपातकालीन प्रबंधन की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

