
Supaul Bus Fire: बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छातापुर बस स्टैंड पर खड़ी एक यात्री बस में अचानक आग लग गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों और पुलिस को गुस्साई भीड़ ने खदेड़ दिया। इस दौरान सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया।
बुधवार शाम सुपौल जिले के छातापुर बस स्टैंड पर एक बड़ा हादसा हुआ। देव ट्रेवल्स की एक यात्री बस अचानक आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए।
भीड़ ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को फोन किया, लेकिन दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही पानी और बालू की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। दमकल कर्मियों के देर से पहुंचने से लोगों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि गुस्साई भीड़ ने मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों को खदेड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सुपौल बस आग के बाद पुलिस पर हमला और तोड़फोड़
दमकल कर्मियों को भगाने के बाद आक्रोशित भीड़ सैकड़ों की संख्या में भीमपुर थाने के सामने पहुंच गई और जमकर हंगामा किया। भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भीड़ ने थाने के पास खड़े पुलिस वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे और यातायात पुलिस बोर्ड को भी नुकसान पहुंचाया गया। यह एक गंभीर पुलिस पर हमला था, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे।
कैसे लगी आग और क्या है प्रशासन का रुख?
बस कर्मी मनोज भगत ने बताया कि बीआर 31 पी 8321 नंबर की यह बस बस स्टैंड पर खड़ी थी और रात आठ बजे पटना जाने वाली थी। गनीमत यह रही कि उस समय बस के अंदर कोई यात्री या कर्मचारी मौजूद नहीं था। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम अभिषेक कुमार, एसडीपीओ विभाष कुमार, बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जदिया, त्रिवेणीगंज, राजेश्वरी, बलुआ और भीमपुर समेत कई थानों की पुलिस भी वहां पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एसपी शरथ आरएस ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा कि Supaul Bus Fire के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिस वाहन पर हमला किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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