
Trading Fraud: सूरत। दुबई की ऊंची इमारतों से चल रहा था ठगी का एक ऐसा खेल, जिसकी चकाचौंध में हजारों लोग अपनी जमापूंजी गंवा बैठे। लेकिन कहते हैं न, कानून के हाथ लंबे होते हैं। सूरत पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय रैकेट के सरगना को दबोचा है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
सूरत साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ट्रेडिंग फ्रॉड रैकेट के मुख्य सूत्रधार अल्पेश वघासिया को सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित शेयर ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करता था और पूरे नेटवर्क को दुबई में बैठकर संचालित कर रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच में यह खुलासा हुआ है कि अल्पेश ने लगभग 1500 करोड़ रुपये के लेनदेन वाले एक विशाल साइबर नेटवर्क को खड़ा कर लिया था, जो वाकई हैरान करने वाला है।
Surat Police ने किया Trading Fraud रैकेट का भंडाफोड़
आरोपित अल्पेश वघासिया की कहानी किसी को भी चकित कर सकती है। पुलिस ने बताया कि जो व्यक्ति 1500 करोड़ के ट्रांजेक्शन वाले नेटवर्क का सरगना है, वह सिर्फ 9वीं कक्षा तक पढ़ा है। अपनी चालाकी और तकनीक के दुरुपयोग से उसने हजारों लोगों को निशाना बनाया। यह मामला दिखाता है कि कैसे संगठित साइबर क्राइम गिरोह आम लोगों की मेहनत की कमाई को लूटने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अल्पेश लंबे समय से दुबई में रहकर अपने इस ठगी के साम्राज्य को चला रहा था, लेकिन कुछ गलतियों ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
दुबई से क्यों भारत लौट रहा था अल्पेश?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अल्पेश दुबई में बिगड़ते हालात और युद्ध जैसी स्थिति से घबरा गया था। उसे वहां अपना भविष्य असुरक्षित लग रहा था। इसके अलावा, उसे अंग्रेजी भाषा का ज्ञान न के बराबर था, जिसके कारण विदेश में टिके रहना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। इन्हीं परिस्थितियों से तंग आकर उसने भारत लौटने का फैसला किया। उसे शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि भारतीय एजेंसियां उसके इंतजार में बैठी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जैसे ही उसने भारत लौटने के लिए सूरत एयरपोर्ट पर कदम रखा, पहले से जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर साइबर क्राइम की टीम ने उसे धर दबोचा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश हो सके।







