Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में अक्सर सियासी शतरंज बिछी रहती है, जहां हर चाल भविष्य के समीकरणों को तय करती है। आगामी 2026 विधानसभा चुनावों से पहले, सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, और गठबंधन की डोर अब सीटों से आगे बढ़कर सत्ता के बंटवारे तक पहुंच रही है।
तमिलनाडु पॉलिटिक्स: कांग्रेस ने 2026 चुनावों के लिए छेड़ी नई बहस, सत्ता में साझेदारी की मांग
तमिलनाडु पॉलिटिक्स में गठबंधन ही एक मात्र हकीकत: कांग्रेस
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने सोमवार को कहा कि तमिलनाडु में गठबंधन ही राजनीतिक वास्तविकता बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि सीटों के बंटवारे से आगे बढ़कर सत्ता के बंटवारे पर चर्चा शुरू की जाए। एक निजी संगठन (आईपीडीएस) द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए, टैगोर ने कहा कि आंकड़ों में राज्य में कांग्रेस पार्टी और कई अन्य राजनीतिक दलों की वास्तविक ताकत का पूरी तरह से आकलन नहीं किया गया है। हर पार्टी का अपना मतदाता आधार है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मेरा मानना है कि यह आंकड़े न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि अन्य पार्टियों के आंकड़ों को भी पूरी तरह से प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।
टैगोर ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में गठबंधन के बिना कोई भी पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि केवल सीटों के बंटवारे पर ही नहीं, बल्कि सत्ता के बंटवारे पर भी चर्चा हो।” यह बयान राज्य की गठबंधन राजनीति में कांग्रेस की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बीच, तमिलनाडु एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडंकर ने पुष्टि की कि कांग्रेस नेतृत्व ने डीएमके के साथ बातचीत शुरू कर दी है और उन्हें जल्द ही इसके सकारात्मक निष्कर्ष की उम्मीद है। चोडंकर ने बताया, “हमने ठीक एक महीने पहले, 3 दिसंबर को मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष से मुलाकात की थी। हमने उनसे अनुरोध किया था कि डीएमके-कांग्रेस गठबंधन वार्ता को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि हमें अब भी उम्मीद है कि डीएमके के साथ हमारा गठबंधन मजबूत रहेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भाजपा पर एआईएडीएमके को कमजोर करने का आरोप
इससे पहले, रविवार को कांग्रेस सांसद टैगोर ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में कथित कलह पैदा करने की कोशिश करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) को हथियाने और कमजोर करने का प्रयास कर रही है। मणिक्कम टैगोर ने एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी पर “एआईएडीएमके को अमित शाह की एआईएडीएमके” में बदलने का आरोप लगाया। यह आरोप तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे रहा है। कांग्रेस का यह रुख आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु पॉलिटिक्स में अपनी स्थिति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




