



Telangana ULB Election Results: तेलंगाना की चुनावी रणभूमि में मतों की पेटी खुली तो सियासी दलों के भविष्य का पिटारा भी खुल गया। आज फैसला हो रहा है कि शहरी जनता का ताज किसके सिर सजेगा।
Telangana ULB Election Results: तेलंगाना में शहरी निकायों के जनादेश का दिन, कांग्रेस की बढ़त से बढ़ी सियासी हलचल
Telangana ULB Election Results: शहरी निकायों के नतीजों पर टिकी सबकी निगाहें
तेलंगाना में शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के सियासी भविष्य का फैसला आज हो रहा है। 11 फरवरी को हुए 116 नगर पालिकाओं और 7 नगर निगमों के चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। प्रदेश के 123 मतगणना केंद्रों पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की गई, जिसके बाद बैलेट पेपर से पड़े वोटों की गणना आरंभ हुई। शुरुआती रुझानों और अब तक के प्राप्त नतीजों के अनुसार, सत्ताधारी कांग्रेस शहरी क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत करती नजर आ रही है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल बीआरएस (BRS) और बीजेपी (BJP) ने भी कई वार्डों में कड़ी टक्कर पेश की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य में हुए Telangana Municipal Elections सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम हैं।
राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच यह त्रिकोणीय मुकाबला सभी दलों के लिए भविष्य की राजनीति का संकेत दे रहा है। इन चुनावों के नतीजे ही मतदाताओं के बीच उनकी मौजूदा लोकप्रियता का असली पैमाना तय करेंगे। चूंकि इस चुनाव में मतपत्रों का प्रयोग किया गया है, इसलिए वोटों की गिनती में कुछ अधिक समय लग सकता है। डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले पूरी की गई, जिसके बाद बैलेट पेपरों की गणना शुरू हुई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वोटों की गिनती प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना केंद्रों पर लगभग 12,000 पुलिसकर्मियों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है। मतगणना केंद्रों और उनके आसपास धारा 144 लागू रहेगी, जिससे किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था पर रोक लगाई जा सके। मतगणना कक्ष के भीतर केवल अधिकृत व्यक्ति जैसे मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक, उम्मीदवार और उनके अधिकृत एजेंट ही प्रवेश कर सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने मतगणना केंद्रों और ‘स्ट्रांग रूम’ के बाहर ‘वेबकास्टिंग’ की व्यवस्था भी की है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
इन चुनावों में 73 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जो शहरी जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने 12 फरवरी को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी एवं के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया था कि कांग्रेस को शहरी स्थानीय चुनावों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
वहीं, भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर सत्ता के दुरुपयोग और धन के वितरण के बावजूद भाजपा प्रभावशाली नतीजे दर्ज करेगी। भाजपा ने इन निकाय चुनावों में जोरदार प्रचार किया था, इस उम्मीद के साथ कि वह कांग्रेस और दो कार्यकालों तक राज्य पर शासन कर चुकी बीआरएस दोनों के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरेगी।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में संतोषजनक प्रदर्शन न करने के बाद, बीआरएस ने हाल ही में हुए ग्राम पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया है। अब पार्टी का लक्ष्य राज्य में इन नगर निगम चुनावों में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करना है ताकि वह अपनी सियासी पकड़ को दोबारा मजबूत कर सके।



