back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 24, 2026
spot_img

ट्रांसजेंडर को जाति नहीं…CM Nitish की बात पर लगाई Supreme Court ने Supreme मोहर

ट्रांसजेंडरों की याचिका होने को बिहार की नीतीश सरकार के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे कोर्ट ने नीतीश सरकार की ट्रांसजेंडर को जाति नहीं मानने को सही ठहरा दिया है।

spot_img
- Advertisement - Advertisement

बिहार में हुई जातीय गणना से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को ट्रांसजेंडर को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए ट्रांसजेंडर को जाति के रूप में शामिल करने की मांग को ख़ारिज कर दिया।

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए कि ट्रांसजेंडर कोई जाति नहीं है, याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रांसजेंडरों को सरकार द्वारा अलग से लाभ दिया जा सकता है, लेकिन अलग जाति नहीं बताया जा सकता है।

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसजेंडरों की याचिका खारिज होने को नीतीश सरकार के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे कोर्ट ने नीतीश सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर को जाति नहीं मानने को सही ठहरा दिया है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट में बुझते दिये, राजस्थान के भिवाड़ी में बारूद का तांडव, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा, लापरवाहियों पर उठे सवाल

बिहार में हुई जाति गणना की रिपोर्ट 2 अक्टूबर को पेश की गई थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में ट्रांसजेंडर लोगों की आबादी केवल 825 बताई है। तीसरे लिंग का उल्लेख कॉलम संख्या 22 में किया गया है, जो कहता है कि कुल जनसंख्या सिर्फ 825 है और प्रतिशत 0।0006 है। हालांकि ट्रांसजेंडर समूह ने जातीय गणना में उनकी संख्या को मात्र 825 बताए जाने पर भी नाराजगी जताई। पढ़िए पूरी खबर

पटना हाईकोर्ट ने पहले ही ट्रांसजेंडर को जाति मानाने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रांसजेंडर कोई जाति नहीं बल्कि एक ग्रुप है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उसी अनुरूप ट्रांसजेंडरों की मांग को ख़ारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ा झटका देते हुए जातीय गणना में ट्रांसजेंडर को अलग जाति मानने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रांसजेंडर कोई जाति नहीं बल्कि इसे एक अलग ग्रुप के रूप में सूचीबद्ध करना सही है। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर की याचिका ख़ारिज कर दी गई। इस रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए ट्रांसजेंडर समूह का दावा है कि वर्ष 2011 में जनगणना में ट्रांसजेंडर की आबादी बिहार में करीब 42 हजार थी।

ऐसे में जातीय गणना में इसे सिर्फ 825 बताए जाने पर ट्रांसजेंडर समूह इस रिपोर्ट फर्जी बता रहा है। साथ ही ट्रांसजेंडर की ओर कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें जाति के रूप में मान्यता देने की बात कही गई थी। लेकिन अब कोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज कर दी है।

यह भी पढ़ें:  Patna News: आईपीएस सुनील नायक को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, आंध्र प्रदेश पुलिस की अर्जी ख़ारिज

 

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Vastu Tips: घर में लाएं सुख-समृद्धि और शांति, जानें ये शुभ वास्तु पौधे

Vastu Tips: जब हमारे गृहस्थ जीवन में किसी प्रकार की नकारात्मकता का अनुभव होता...

सुप्रीम कोर्ट में निकली बंपर Sarkari Naukri, ऐसे करें आवेदन!

Sarkari Naukri: सुप्रीम कोर्ट में निकली बंपर भर्ती, सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, शानदार...

भारत में लॉन्च हुआ iQOO 15R: गेमर्स के लिए नया पावरहाउस!

iQOO 15R: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक और गेम-चेंजर दस्तक देने को तैयार है।...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें