Mumbai Politics: राजनीति की बिसात पर बिछीं नई गोटियाँ, जहाँ कभी प्रतिद्वंद्वी रहे दो धुरंधर दशकों बाद एक मंच पर दिखे। मुंबई की सत्ता के रण में गूँजती रणभेरी के बीच, शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मिलकर एक नया अध्याय लिखा है।
Mumbai Politics: दशकों बाद साथ आए उद्धव-राज, BMC चुनाव के लिए ‘वचननामा’ जारी, क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?
मुंबई की राजनीति में नई ‘शिव-शक्ति’ का उदय
मुंबई की सियासी गलियों में शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक पल लेकर आया, जब लगभग दो दशक की राजनीतिक कड़वाहट को भुलाकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे एक साथ नजर आए। आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनावों के मद्देनजर दोनों भाइयों ने अपना संयुक्त घोषणा-पत्र ‘वचननामा’ जारी किया, जिसे उन्होंने “जनता के चरणों में समर्पित” बताते हुए मराठी मानुष और मुंबई के हितों की रक्षा के लिए बनी ‘शिव-शक्ति’ का प्रतीक बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह ‘वचननामा’ 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिन्हें अक्सर मुंबई की सत्ता का सेमीफाइनल कहा जाता है। शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन ने अपने इस घोषणा-पत्र में किफायती आवास, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यह एक ऐसा कदम है जो शहर के लाखों निवासियों के जीवन पर सीधा असर डाल सकता है।
आम जनता के लिए बड़ी घोषणाएँ
गठबंधन ने घरेलू सहायिकाओं और कोली समुदाय की महिलाओं के लिए ‘स्वाभिमान निधि’ योजना का वादा किया है। इस योजना के तहत, उन्हें हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जो मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना के समान है। इसके अलावा, स्वर्गीय मीना ताई ठाकरे के नाम पर ‘मां साहेब रसोई’ शुरू करने की घोषणा भी की गई है, जहाँ मात्र 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध होगा।
घोषणा-पत्र में 700 वर्गफुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी तरह राहत देने की बात कही गई है, जो मुंबई के मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। साथ ही, पुनर्विकसित इमारतों में हर फ्लैट के लिए एक पार्किंग स्लॉट सुनिश्चित करने हेतु नियमों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सार्वजनिक परिवहन को लेकर गठबंधन ने न्यूनतम बस किराया 10 रुपये से घटाकर 5 रुपये करने, नए बस रूट शुरू करने और अतिरिक्त बसें चलाने का वादा किया है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
शिक्षा और रोजगार के नए आयाम
शिक्षा के क्षेत्र में, बीएमसी द्वारा संचालित ‘मुंबई पब्लिक स्कूल’ में अब जूनियर केजी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह कदम शिक्षा तक पहुँच को मजबूत करेगा। वहीं, गिग वर्कर्स (अस्थायी कर्मचारी) के लिए ई-बाइक खरीदने हेतु 25,000 रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण की योजना भी इस संयुक्त घोषणा-पत्र का हिस्सा है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ठाकरे बंधुओं का भाजपा पर तीखा हमला
‘वचननामा’ जारी करते हुए दोनों ठाकरे बंधुओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमला बोला। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवारों की ‘चोरी’ की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों में दोबारा चुनाव कराने और संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों की कॉल डिटेल्स की गहन जांच की मांग भी उठाई।
राज ठाकरे ने भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन को निशाने पर लिया और कहा कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश-बिहार की राह पर धकेला जा रहा है, जो राज्य के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र की अपनी एक अलग पहचान और विकास मॉडल है, जिसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
पिछले चुनावों की तस्वीर और आगामी समीकरण
पिछली बार 2017 के बीएमसी चुनावों में, अविभाजित शिवसेना 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि भाजपा 82 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। उस समय किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण राजनीतिक अस्थिरता का दौर देखा गया था, जिसे बाद में भाजपा के समर्थन से शिवसेना का महापौर बनने के बाद सुलझाया गया था। कांग्रेस को 31 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि एनसीपी को केवल नौ सीटें मिली थीं और एमएनएस को बड़ा झटका लगा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बार 15 जनवरी को मतदान और अगले दिन मतगणना प्रस्तावित है। ठाकरे बंधुओं का यह एक साथ आना, मुंबई की राजनीति में निश्चित रूप से नए समीकरणों को जन्म दे रहा है और आगामी चुनावों को और भी दिलचस्प बना रहा है।



