Bihar Police Corruption: जब रखवाले ही चोर बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? बिहार के वैशाली में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां वर्दी पर लगे दाग ने एक बार फिर पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bihar Police Corruption: वैशाली में ‘चोर-सिपाही’ का खेल! जांच करते-करते खुद फंसे थानाध्यक्ष और दारोगा
Bihar Police Corruption: वैशाली पुलिस की लापरवाही या मिलीभगत?
बिहार के वैशाली जिले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लालगंज थाना क्षेत्र में एक चोरी की घटना की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों पर ही चोरी का आरोप लगा है। दरअसल, ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए, लेकिन उन्हें जब्ती सूची में दर्ज नहीं किया गया। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उच्च अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। इस Lalganj police investigation में प्रथम दृष्टया थानाध्यक्ष और एक दारोगा को दोषी पाया गया है।
संदेह के घेरे में पुलिस की कार्यवाही
जांच टीम ने पाया कि चोरी की घटना के बाद जब आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो वहां से बड़ी रकम और आभूषण मिले। आरोप है कि थानाध्यक्ष और दारोगा ने इन सामानों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय अपने पास रख लिया। गांववालों ने जब इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों से की, तो मामले ने तूल पकड़ लिया। शुरुआती जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद वैशाली के पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालगंज के थानाध्यक्ष और एक अन्य दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। यह घटना पुलिस की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। ऐसे मामलों से आम जनता का विश्वास पुलिस से उठता है। इस पूरे प्रकरण से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।




