Vidya Balan News: बॉलीवुड की चमकती दुनिया में कुछ सितारे ऐसे होते हैं जो अपने दम पर एक नया आकाश गढ़ते हैं, जिनके हर किरदार में एक कहानी सांस लेती है। विद्या बालन उन्हीं चंद नामों में से एक हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपनी शर्तों पर काम किया बल्कि हिंदी सिनेमा में महिलाओं के सशक्त चित्रण की परिभाषा भी बदली है। एक ऐसी अदाकारा, जिसकी हर भूमिका दर्शकों के दिल में उतर जाती है।
Vidya Balan News: विद्या बालन, जिनका जन्म 1 जनवरी 1979 को हुआ, भारतीय सिनेमा की उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में से एक हैं जिन्होंने महिला केंद्रित फिल्में के माध्यम से महिलाओं के चित्रण को एक नई दिशा दी है। उन्हें एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सात फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। भारत सरकार ने 2014 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया। वर्ष 2021 में, उन्हें अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज़ के एक्टर्स ब्रांच में शामिल होने का निमंत्रण मिलना उनके अंतरराष्ट्रीय कद का प्रमाण है।
विद्या ने कम उम्र से ही फिल्मों में अपना करियर बनाने का सपना देखा था और 1995 के सिटकॉम “हम पाँच” से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। मुंबई विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पूरी करते हुए भी, उन्होंने फिल्मों में प्रवेश के लिए कई असफल प्रयास किए। इस दौरान, वे टीवी विज्ञापनों और संगीत वीडियो में भी सक्रिय रहीं। उनकी फिल्मी यात्रा की शुरुआत बंगाली फिल्म “भालो ठेको” (2003) से हुई। हिंदी सिनेमा में उनकी पहली फिल्म “परिणीता” (2005) थी, जिसमें उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा। इसके बाद “लगे रहो मुन्ना भाई” (2006) और “भूल भुलैया” (2007) जैसी व्यावसायिक सफलताएँ मिलीं, हालांकि कुछ अगली भूमिकाओं को मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी मिलीं।
Vidya Balan News: शुरुआती संघर्ष और बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री
अपने करियर में विद्या बालन ने लगातार पांच सफल फिल्मों में मजबूत और आत्मनिर्भर महिलाओं की भूमिकाएं निभाकर खुद को एक स्थापित अभिनेत्री के रूप में पेश किया। इनमें “पा” (2009), “इश्क़िया” (2010), “नो वन किल्ड जेसिका” (2011), “कहानी” (2012) और बायोपिक “द डर्टी पिक्चर” (2011) शामिल हैं। “द डर्टी पिक्चर” में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। कुछ समय के ठहराव के बाद, उन्होंने “तुम्हारी सुलु” (2017) और “मिशन मंगल” (2019) जैसी फिल्मों से जोरदार वापसी की, जहाँ उन्होंने कामकाजी और पारिवारिक जीवन को संतुलित करती खुशमिज़ाज महिलाओं के किरदार निभाए। इसके बाद वे अमेज़न प्राइम वीडियो की फिल्मों “शकुंतला देवी” (2020), “शेरनी” (2021) और “जलसा” (2022) में नज़र आईं। उनकी अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म कॉमेडी-हॉरर सीक्वल “भूल भुलैया 3” (2024) रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विद्या बालन मानवीय कारणों को बढ़ावा देती हैं और महिला सशक्तिकरण का मुखर समर्थन करती हैं। वे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की सदस्य भी रह चुकी हैं और रेडियो शो की मेज़बानी भी की है। करियर की शुरुआत में उन्हें अपने बढ़ते-घटते वज़न और पहनावे को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में मीडिया ने उनकी असाधारणता और बेबाकी के लिए उन्हें सराहा। विद्या का विवाह प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर से हुआ है।
अभिनय की नई ऊँचाइयाँ और सामाजिक सरोकार
विद्या बालन का जन्म 1 जनवरी 1979 को मुंबई में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता पी. आर. बालन एक कॉरपोरेट प्रोफेशनल रहे हैं, जिन्होंने Digicable में एग्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के पद पर काम किया है, जबकि उनकी मां सरस्वती एक गृहिणी हैं। विद्या की एक बड़ी बहन प्रिया बालन हैं, जो विज्ञापन उद्योग से जुड़ी हुई हैं। उनके घर में तमिल और मलयालम दोनों भाषाएं बोली जाती हैं और परिवार की जड़ें केरल के पालक्काड से जुड़ी हैं, हालांकि विद्या की परवरिश मुंबई के चेंबूर इलाके में हुई। फिल्मी दुनिया से भी उनका पारिवारिक रिश्ता है – दक्षिण भारतीय अभिनेत्री प्रियामणि उनकी सेकंड कज़िन हैं। साल 2012 में विद्या बालन ने मशहूर फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर से शादी की, जो UTV Motion Pictures के पूर्व CEO रह चुके हैं।
कम उम्र से ही विद्या फिल्मों में करियर बनाना चाहती थीं और शबाना आज़मी व माधुरी दीक्षित जैसी अभिनेत्रियों से प्रेरित रहीं। 16 वर्ष की आयु में उन्होंने एकता कपूर के सिटकॉम “हम पाँच” के पहले सीज़न में राधिका की भूमिका निभाई। इस सीरीज़ के बाद उन्होंने टीवी सोप के प्रस्ताव ठुकरा दिए क्योंकि वे फिल्मों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती थीं। उनके माता-पिता ने उनका समर्थन किया, लेकिन पहले पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी। उन्होंने सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज से समाजशास्त्र में स्नातक और बाद में मुंबई विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
प्रारंभिक बाधाएं और सफलता की ओर पहला कदम
मास्टर डिग्री के दौरान उन्हें मोहनलाल के साथ मलयालम फिल्म “चक्रम” में लीड रोल के लिए चुना गया, लेकिन प्रोडक्शन समस्याओं के कारण फिल्म बंद हो गई। दुर्भाग्य से, इस देरी के लिए उन्हें “अपशकुन” ठहराया गया और कई प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। तमिल सिनेमा में भी उन्हें “रन” (2002), “बाला” (2002) और “मनसेल्लम” (2003) जैसी फिल्मों से बदला गया। 2003 में पूरी की गई मलयालम फिल्म “कलारी विक्रमन” रिलीज़ नहीं हो सकी। फिल्मी करियर शुरू न हो पाने पर विद्या ने लगभग 60 टीवी विज्ञापनों और यूफोरिया व शुभा मुद्गल के म्यूज़िक वीडियो में काम किया, जिनमें से कई का निर्देशन प्रदीप सरकार ने किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विद्या की फिल्मी शुरुआत बंगाली ड्रामा “भालो ठेको” (2003) से हुई, जिसमें उन्होंने आनंदी की केंद्रीय भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें आनंदलोक पुरस्कार मिला। प्रदीप सरकार की सिफ़ारिश पर उन्होंने हिंदी फिल्म “परिणीता” (2005) के लिए ऑडिशन दिया। निर्माता ने छह महीने की कड़ी जाँच के बाद उन्हें कास्ट किया। शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में उनके अभिनय को समीक्षकों ने खूब सराहा और उन्हें फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फ़ीमेल डेब्यू का पुरस्कार मिला।
लगे रहो मुन्ना भाई और करियर की गति
इसके बाद उन्होंने संजय दत्त के साथ “लगे रहो मुन्ना भाई” (2006) में रेडियो जॉकी की भूमिका निभाई। 2007 में उन्होंने मणिरत्नम की “गुरु” में सहायक भूमिका की। “सलाम-ए-इश्क़” और “एकलव्य: द रॉयल गार्ड” जैसी एंसेंबल फिल्मों में छोटे रोल किए, जिन्हें उन्होंने अपने सीखने के दौर का हिस्सा बताया। तिथियों के टकराव के कारण उन्होंने “लागा चुनरी में दाग” और “खोया खोया चाँद” जैसी फिल्मों के प्रस्ताव भी ठुकराए। विद्या बालन ने अपनी भूमिकाओं के चयन से हमेशा महिला केंद्रित फिल्में के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया है।
आगामी परियोजनाएँ और भविष्य की राह
विद्या बालन की सबसे हालिया नाटकीय रिलीज़ अप्रैल 2024 में “दो और दो प्यार” थी। इससे पहले, नवंबर 2024 में ब्लॉकबस्टर “भूल भुलैया 3” उनकी आखिरी प्रमुख फिल्म थी, हालांकि “दो और दो प्यार” इससे पहले 2024 में आई थी। विद्या बालन की आने वाली फिल्मों में रजनीकांत के साथ “जेलर 2” शामिल है, जो 2026 में रिलीज़ होगी, और अक्षय कुमार के साथ एक बिना टाइटल वाली फिल्म है, जिसकी शूटिंग जनवरी 2026 में शुरू होगी। खबरों के मुताबिक, वह रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी पहली फिल्म “राजा शिवाजी” में भी काम कर रही हैं, और सुजॉय घोष के साथ “कहानी 3” की भी अफवाहें हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






