
बेगूसराय पुलिस के कारनामे इन दिनों सोशल मीडिया के सुर्खियों में हैं। हो भी क्यों ना, जब वहां के पुलिस कप्तान ही कुछ बोलने को तैयार ना हों तो पुलिस की मनमर्जी तो दिखेगी। मामला, यह है कि गोलीकांड में पुलिस ने चार आरोपी को दबोचा। इसकी गिरफ्तारी का दावा करती पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से साफ मुकर रही। पढ़िए बेगूसराय पुलिस के कारनामों की दो खबरें, जो इन दिनों सुर्खियों में है।
इस मामले में पूरी तरह से सच छुपाया जा रहा है। यहीं नहीं, स्थानीय पुलिस खुद की व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही। यही वजह है कि बेगूसराय में लगातार आपराधिक घटनाओं ने पुलिस प्रशासन के साथ सरकार की भी किरकिरी कर दी है।
हालात यह हैं कि पुलिस वाहन के चालक बगैर वर्दी में जहां रहते हैं तो वहीं किसी भी वाहन में थोड़ी सी गलती रहने पर जुर्माना करते नजर आ रहे हैं। यही नहीं, स्थानीय पुलिस खुद बगैर नंबर के वाहन से चलती है। इसका सच भी उजागर होने के बाद पुलिस प्रशासन मौन है।
चार लोगों की गिरफ्तारी पर अभी तक पूरा सच नहीं बताया गया है। एसपी योगेंद्र कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर चुके हैं। मगर, चार में से तीन आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया, इस सवाल से पूरी तरह खुद को बचा ले गए।
एसपी ने बताया कि एक आरोपी केशव नागा को ट्रेन से पकड़ा गया। मगर उसके तीन साथियों को कहां से पकड़ा यह नहीं बताया गया है। साथ ही पुलिस के मुताबिक गोलीबारी करने वाले दो मुख्य आरोपी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अभी गिरफ्तार हुए चार में से दो बदमाश ही मुख्य आरोपी हैं। अन्य दो सिर्फ साजिश में शामिल थे।
इधर,आरोपी को यहां हाथ में हथकड़ी नहीं कमर में रस्सा बांधकर घुमाया जाता है। ऐसा मामला स्थानीय सदर अस्पताल में दिखा। जहां,उत्पाद विभाग की ओर से शराब बेचने और पीने में पकड़े गए सात लोगों को कोरोना वायरस जांच के लिए सदर अस्पताल बगैर नंबर के पुलिस वाहन से लाया गया। मोबाइल रखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। उसमें भी कमर में रस्सी बांधकर उन्हें अस्पताल परिसर में घुमाया गया।
अब, एसपी योगेंद्र यादव की माने तो बेगूसराय गोलीकांड का एक आरोपी केशव नागा जमुई जिले के झाझा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। वह ट्रेन से रांची भागने की कोशिश कर रहा था। इसके अलावा तीन अन्य बदमाश युवराज, सुमित और चुनचुन की गिरफ्तारी कहां से हुई इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। जब, एसपी योगेंद्र कुमार पत्रकारों के सवाल से बचते रहे तो भला अन्य पुलिसकर्मियों का क्या जो यह कह रहे कमर में रस्सी मेरी मर्जी।
जब मौके पर मौजूद कर्मियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इन लोगों ने कहा कि वाहन चालक वर्दी में रहेंगे या बगैर वर्दी के यह हमारे अधिकारी तय करेंगे। इन्हें हाथ में हथकड़ी लगाकर लाएं, कमर में रस्सी बांधकर घूमाएं या कैसे ले जाएं यह भी हमारी मर्जी होगी। फिलहाल इसका फोटो और वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है।







