

World’s Tallest Shivling News: आस्था के महासागर में गोते लगाने को तैयार बिहार, जहां धर्म और भव्यता का संगम होने जा रहा है। मोतिहारी की धरती पर अब एक ऐसा अद्भुत नजारा दिखने वाला है, जो सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन जाएगा।
मोतिहारी में दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना: एक ऐतिहासिक पल
बिहार के मोतिहारी स्थित कैथवलिया का विराट रामायण मंदिर 17 जनवरी को इतिहास रचने जा रहा है। इस दिन यहां दुनिया के सबसे ऊंचे सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा होगी, जिसकी तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। भव्य पूजा पंडाल और वीआईपी पंडाल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे, जिसके चलते प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। महावीर मंदिर समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17 जनवरी को पूर्वाह्न 11.50 बजे मंदिर परिसर पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से शिवलिंग पर होने वाले पुष्प वर्षा का भी अवलोकन करेंगे। इसके लिए एक विशेष हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जा रही है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिवलिंग की स्थापना के लिए 700 और 500 टन की दो विशाल क्रेनें मौके पर पहुंच चुकी हैं। शुक्रवार को शिवलिंग स्थापना का विशेष मॉक ड्रिल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जानकारी के अनुसार, विशाल शिवलिंग की स्थापना में क्रेन को लगभग दो घंटे का समय लगेगा। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद कैसा दिखेगा, इसकी थ्री डी फिल्म भी आगंतुकों को दिखाई जाएगी। साथ ही सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना का सीधा प्रसारण एलईडी टीवी स्क्रीन पर भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य अवसर के साक्षी बन सकें।
इधर, एसडीओ शिवानी शुभम ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए बताया कि मंदिर परिसर में जाने वाले 53 डिप्यूटेशन पॉइंट और 40 कटस् की पहचान की गई है। इन सभी स्थानों पर पुलिस और अन्य पदाधिकारियों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे 16 जनवरी की शाम से 17 जनवरी तक सरकारी निर्देशों का पालन करने में सहयोग करें। चकिया गुमटी और राजपुर चौक से जरूरतमंदों के लिए ई-रिक्शा का भी परिचालन कराया जाएगा।
विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग है। इसकी ऊंचाई 33 फीट और चौड़ाई 33 फीट है, तथा इसका वजन 210 मीट्रिक टन है। यह विशाल शिवलिंग ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है और इसे तैयार करने में 3 करोड़ रुपये की लागत आई है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में पिछले दस वर्षों से इसका निर्माण कार्य चल रहा था। इस अद्भुत शिवलिंग को 96 चक्कों वाले एक विशेष ट्रक द्वारा सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विराट रामायण मंदिर: भव्यता और आस्था का प्रतीक
इस भव्य मंदिर की संरचना भी अपने आप में अनूठी है। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी, जबकि चार अन्य शिखरों की ऊंचाई 180 फीट होगी। एक शिखर 135 फीट ऊंचा होगा, आठ शिखर 108 फीट ऊंचे होंगे और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी। मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी स्थल, शिवलिंग का स्थान और गर्भ गृह की नींव (पाइलिंग) सहित कई महत्वपूर्ण कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थापत्य कला का भी एक अद्भुत उदाहरण पेश करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

