



Netaji Subhas Chandra Bose: भारत के स्वतंत्रता संग्राम का वह लौह पुरुष, जिसकी गर्जना आज भी युवाओं की रगों में देशभक्ति का संचार करती है, उन्हें आज पूरा देश नमन कर रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महान स्वतंत्रता सेनानी Netaji Subhas Chandra Bose की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्र की रक्षा के संकल्प को मजबूत करने के लिए हर युवा को नेताजी के शौर्य और त्याग की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा किए। उन्होंने अपने संदेशों में कहा कि नेताजी का नाम सुनते ही हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति का ज्वार उमड़ आता है। बोस ने भारतीय युवाओं को संगठित कर ‘आजाद हिंद फौज’ का गठन किया और अंग्रेजों के खिलाफ पहला सैन्य अभियान चलाया। उन्होंने 1943 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्र भारत की घोषणा कर दी थी, जो आज भी हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Netaji Subhas Chandra Bose: गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
शाह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के प्रत्येक युवा को नेताजी के प्रेरक जीवन और उनकी अद्भुत वीरता की गाथाओं का अध्ययन करना चाहिए। इससे राष्ट्र की सेवा और सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण का भाव और भी दृढ़ होगा। गृह मंत्री ने कहा, “देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले नेताजी की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं।”
इस विशेष अवसर पर पूरा भारत शुक्रवार को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में नेताजी को याद कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने नेताजी के अविस्मरणीय त्याग को याद करते हुए बताया कि उन्होंने भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए जर्मनी से लेकर रूस और जापान तक हजारों किलोमीटर की दुर्गम यात्राएं कीं। इन यात्राओं के दौरान उन्हें असंख्य कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करना पड़ा, जो भारत को आजाद कराने के उनके अडिग संकल्प का जीवंत प्रमाण है।
नेताजी का बलिदान और उनका महान व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और संप्रभुता के संघर्ष के लिए स्वयं को समर्पित करने हेतु सदैव प्रेरित करता रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आजाद हिंद फौज और राष्ट्रभक्ति का आह्वान
शाह ने स्पष्ट किया कि नेताजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे, जो आज भी करोड़ों भारतीयों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि निस्वार्थ सेवा और अटूट संकल्प के माध्यम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नेताजी का ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा आज भी युवाओं में जोश भरता है और उन्हें देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है। भारत सरकार और देशवासी नेताजी के विरासत को सहेजने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पराक्रम दिवस हमें उनके महान योगदान को स्मरण कराता है।



