
असम विधानसभा चुनाव: चुनावी रणभूमि में दावेदारों की भीड़ छंट गई है, अब सिर्फ वही महारथी बचे हैं जो सच में अपना भाग्य आज़माना चाहते हैं। नामांकन वापसी के अंतिम दिन के बाद तस्वीर साफ हो गई है कि इस सियासी संग्राम में कौन-कौन अपनी किस्मत आजमाएगा।
असम विधानसभा चुनाव: नामांकन वापसी के बाद की स्थिति
असम विधानसभा चुनाव में नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन 67 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद अब कुल 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हैं। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। नामांकन वापस लेने वालों में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के मोहम्मद अमीनुल इस्लाम (मनकाचर सीट) भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में एआईयूडीएफ से इस्तीफा दिया था। उनकी वापसी ने इस सीट के चुनावी समीकरणों को और रोचक बना दिया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, ऑटोनामस स्टेट डीमांड कमेटी (एएसडीसी) के चार सदस्यों और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक नेता ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। बाकी सभी नाम वापस लेने वाले निर्दलीय प्रत्याशी थे।
चुनावी मैदान में बचे प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष देबब्रता सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत डाइमरी और राज्य के कई मंत्री शामिल हैं। ये सभी दिग्गज अब अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल करने के लिए कमर कस चुके हैं।
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नामांकन प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम
कुल 815 उम्मीदवारों ने 126 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इन पत्रों की गहन जांच के बाद, 789 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के योग्य पाया गया था। अब 67 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद, वास्तविक मुकाबला 722 प्रत्याशियों के बीच होगा। असम में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतों की गिनती चार मई को की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन चुनावों के नतीजे राज्य के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेंगे, जहाँ सभी पार्टियाँ अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं।




