
Assam Land Scam: राजनीति के अखाड़े में आरोप-प्रत्यारोप का खेल नया नहीं, लेकिन जब बात जमीन से जुड़े घोटाले की हो, तो सवाल गंभीर हो जाते हैं। असम की सियासत में इन दिनों भू-घोटालों का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है, जिसने राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के परिवार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के गंभीर आरोपों और मुख्यमंत्री की कानूनी चुनौती के बीच, यह मुद्दा अब अदालत का रुख करने वाला है।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के परिवार पर राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया था। इन आरोपों के कुछ ही घंटों बाद, मुख्यमंत्री सरमा ने इन्हें सरासर झूठ, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 9 फरवरी को गौरव गोगोई और तीन अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरे खिलाफ मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान देने के लिए मैं जितेंद्र सिंह अलवार, भूपेश बघेल, गौरव गोगोई और देबब्रता सैकिया के खिलाफ 9 फरवरी को दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू कर रहा हूं।” उन्होंने ‘हिट-एंड-रन’ की राजनीति को खत्म बताते हुए कांग्रेस नेताओं को चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उनमें थोड़ी भी हिम्मत या ठोस सबूत हैं, तो वे अपने हर आरोप को अदालत में साबित करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे कहा कि वे दुष्प्रचार, सुनियोजित बदनामी या किसी भी राजनीतिक हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं।
Assam Land Scam: मुख्यमंत्री की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
दिन की शुरुआत में, गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, गौरव गोगोई ने दावा किया था कि कांग्रेस द्वारा कराई गई एक आंतरिक जांच में “चौंकाने वाले खुलासे” हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने पूरे असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रखा है।
मुख्यमंत्री सरमा की मानहानि की धमकी का जवाब देते हुए गोगोई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हिमंता बिस्वा सरमा हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस से भयभीत हो गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गोगोई ने दावा किया कि जल्द ही मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार और उनकी संपत्ति का ब्योरा असम के हर गांव में जनता के सामने होगा। उन्होंने सरमा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे कानूनी शरण लेने के बजाय जनमत की अदालत में आकर उनसे लड़ें। यह “Himanta Biswa Sarma defamation” विवाद अब एक नए मोड़ पर आ गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विवादों का सियासी अखाड़ा और कांग्रेस का पलटवार
गोगोई ने ‘हिट एंड रन’ मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका मुख्य ध्यान भू-घोटाले के आरोपों पर है। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगामी राजनीतिक परिदृश्य को और भी गर्मा सकता है। कांग्रेस इस मामले को जोर-शोर से उठा रही है, जबकि मुख्यमंत्री अपनी कानूनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। इस हिमंता बिस्वा सरमा defamation मामले में आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

