

Assam Congress News: राजनीति का अखाड़ा गरमाया, जहाँ दांव-पेंच के बीच नेताओं का पाला बदलना कोई नई बात नहीं। असम की सियासत में भी कुछ ऐसा ही भूचाल आया है, जब एक कद्दावर नेता ने अपनी ही पार्टी से किनारा कर लिया।
असम कांग्रेस में भूचाल: पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा का इस्तीफा, गौरव गोगोई पर मनमानी का आरोप
असम कांग्रेस को लगा बड़ा झटका: बोरा का इस्तीफा
असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बोराह ने अपने इस अप्रत्याशित कदम के लिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की कथित मनमानी और पार्टी के आंतरिक कामकाज में उनकी दखलअंदाजी को मुख्य कारण बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का असम दौरा कुछ ही दिनों बाद निर्धारित है, जिससे पार्टी की तैयारियों पर सवालिया निशान लग गया है।
बोराह ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेज दिया है। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। यह इस्तीफा पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर करता है और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भूपेन बोराह के इस्तीफे की खबर जंगल की आग की तरह फैली, और इस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आई। सरमा ने बोराह को ‘असम कांग्रेस पार्टी का आखिरी हिंदू नेता’ करार दिया और घोषणा की कि वे मंगलवार शाम को उनके घर जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन साल पहले भी वे भूपेन बोराह का अपनी पार्टी में स्वागत करने और उन्हें एक सुरक्षित सीट देने के लिए तैयार थे। सरमा ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि जब से उन्होंने असम कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंध होने का आरोप लगाया है, तब से जमीनी स्तर के हिंदू कांग्रेस नेताओं की एक बड़ी संख्या उनके पक्ष में शामिल होने लगी है। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की है कि अगले पंद्रह दिनों के भीतर लगभग पांच और विधायक पाला बदल सकते हैं।
कांग्रेस की गिरती साख पर मुख्यमंत्री सरमा का हमला
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को ‘बेहद खराब’ बताया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन के लिए भेजे गए तीन पर्यवेक्षकों को अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित एक विधायक सौंपा गया है, जो पार्टी की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। सरमा ने आगे आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस के कई जिला कार्यालयों में होने वाली बैठकें अब एक विशेष समुदाय की धार्मिक प्रार्थना के साथ शुरू होती हैं। उनका कहना था कि असम में कांग्रेस तेजी से अपना स्वरूप बदल रही है और आम जनता इस बदलाव को महसूस कर रही है। भूपेन बोराह का इस्तीफा एक प्रतीकात्मक संकेत है कि कांग्रेस ने अपना ‘आखिरी हिंदू नेता’ भी खो दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अपने त्याग पत्र में भूपेन बोराह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही थी और राज्य इकाई में उन्हें उनका उचित स्थान नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने पार्टी के राज्य में कामकाज के तरीकों और समस्याओं के बारे में उच्च कमान को कई बार सूचित किया था, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उनके आत्मसम्मान और गरिमा को ठेस पहुंची।
इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए बोराह ने बताया, “मैंने आज सुबह 8 बजे कांग्रेस उच्च कमान को अपना इस्तीफा भेजा और विस्तार से बताया कि मुझे यह कठोर कदम उठाने के लिए क्यों विवश होना पड़ा। यह मेरा कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है। मैंने अपने जीवन के 32 महत्वपूर्ण वर्ष इस पार्टी को दिए हैं; मैं 1994 में कांग्रेस में शामिल हुआ था। मेरा यह कदम, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, केवल व्यक्तिगत सिद्धांतों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह पार्टी के भविष्य के लिए गहरी चिंता से भी प्रेरित है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इसीलिए उन्होंने कांग्रेस उच्च कमान को हर एक बात विस्तार से बताई है।



