
Bengaluru LPG Shortage: ज्यों ही पश्चिम एशिया के रण में आग दहकी, उसकी तपिश बेंगलुरु की रसोई तक आ पहुंची। शहर के होटल और रेस्तरां की जान कहे जाने वाले गैस सिलेंडरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यह स्थिति न केवल व्यवसायियों के लिए चिंताजनक है, बल्कि ग्राहकों की जेब पर भी भारी पड़ रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bengaluru LPG Shortage: बेंगलुरु के रेस्तरां और होटलों पर मंडराया संकट, जानें क्यों?
Bengaluru LPG Shortage: क्या पश्चिमी एशिया की आंच ने बेंगलुरु की रसोई ठंडी कर दी?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर अब बेंगलुरु के खाद्य उद्योग पर दिख रहा है। शहर के कई रेस्तरां और भोजनालय तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की संभावित किल्लत के चलते अपने शटर गिराने को मजबूर हो रहे हैं। इस गंभीर परिदृश्य को देखते हुए, बेंगलुरु दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री को एक पत्र लिखा है। उन्होंने संभावित गैस सिलेंडर संकट पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और सरकार से आतिथ्य क्षेत्र के लिए एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। यह संकट अगर गहराता है, तो शहर की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है।
सांसद सूर्या ने अपने पत्र को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने माननीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एलपीजी सिलेंडरों की कमी और होटल उद्योग में इसके संभावित व्यवधान से अवगत कराया है। इसके बाद, मंत्री महोदय ने होटलों सहित सभी गैर-घरेलू उपयोगकर्ताओं को एलपीजी की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च प्राथमिकता समिति का गठन किया है। भाजपा सांसद ने बेंगलुरु होटल एसोसिएशन की उन चिंताओं को भी मंत्री तक पहुंचाया, जिसमें कहा गया था कि उनके सदस्य अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए मुख्य रूप से वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति पर ही निर्भर हैं।
सरकारी कार्रवाई और उद्योग की चुनौतियां
सांसद सूर्या ने अपने सोमवार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया कि उन्हें ‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (पंजीकृत)’ से एक ज्ञापन मिला है। इस ज्ञापन में रेस्तरां, होटल और आतिथ्य क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठानों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति की निरंतरता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि रेस्तरां और खाद्य सेवा उद्योग अपने दैनिक रसोई संचालन के लिए पूरी तरह से वाणिज्यिक एलपीजी पर आश्रित है। कई अन्य उद्योगों के विपरीत, अधिकांश व्यावसायिक रसोईघरों में तत्काल विकल्प जैसे पीएनजी कनेक्टिविटी या बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अभी उपलब्ध नहीं हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि एलपीजी आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर रेस्तरां के कामकाज, इस क्षेत्र में कार्यरत हजारों लोगों के रोजगार और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन प्रतिष्ठानों के पास तुरंत स्विच करने के लिए कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उद्योग जगत घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों की सराहना करता है। हालांकि, एसोसिएशन ने सरकार से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी मौजूदा वितरण प्रणाली के माध्यम से एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि बेंगलुरु जैसे महानगर में आर्थिक गतिविधियों पर विपरीत प्रभाव न पड़े और शहर का जीवंत खाद्य संस्कृति बरकरार रहे।




