
Assam Election Manifesto: जब चुनावी बिगुल बजता है, तो हर दल अपना पिटारा खोल देता है। असम के सियासी रण में भाजपा ने भी विकास और भरोसे के वादों से भरा अपना संकल्प पत्र पेश कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें असम के विकास, जन कल्याण, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और असमिया पहचान के साथ-साथ स्वदेशी समुदायों के संरक्षण के लिए पार्टी के प्रमुख वादों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।
असम इलेक्शन मेनिफेस्टो: भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ – विकास और सुरक्षित असम का वादा
Assam Election Manifesto: भाजपा के बड़े वादे, सुरक्षित और विकसित असम का लक्ष्य
इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि 2026 के असम विधानसभा चुनावों के लिए जारी किया गया भाजपा का यह घोषणापत्र भूमि, विरासत और स्वदेशी लोगों की गरिमा के संरक्षण के मजबूत वादे के साथ आता है। यह संकल्प पत्र असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और उसके मूल निवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का अनावरण किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर पूरे असम में लागू करने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की भी घोषणा की, जो राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बाढ़ की समस्या से जूझ रहे असम के लिए, मुख्यमंत्री ने अगले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च कर राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, अगले पांच वर्षों में 2 लाख Assam jobs प्रदान करने का वादा किया गया, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में, सरकार ने ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज’ के मॉडल को साकार करने की अपनी मंशा व्यक्त की।
सुरक्षित और विकसित असम का संकल्प
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भाजपा के चुनावी लक्ष्य को दोहराया, जिसमें ‘सुरक्षित असम, विकसित असम’ का निर्माण शामिल है। सैकिया ने जोर देकर कहा कि 2026 का विधानसभा चुनाव असम की जनता के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस संकल्प पत्र को तैयार करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से 24 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि यह जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह सुझाव जनता की सक्रिय भागीदारी और पार्टी के जमीनी स्तर तक पहुंच को प्रदर्शित करते हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कांग्रेस के 60 दशकों के शासनकाल की तुलना में भाजपा के एक दशक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र पिछले एक दशक की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर आधारित है, जब राज्य ने वह परिवर्तन देखा जो कांग्रेस के लंबे शासन में कभी संभव नहीं हो पाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों के कारण असम 32 वर्षों तक अफसाप (AFSPA) के अधीन रहा, जबकि भाजपा शासन में शांति और स्थिरता लौटी है। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि असम में वास्तविक शांति और दीर्घकालिक विकास केवल राजनीतिक स्थिरता से ही संभव है, जिसे भाजपा सरकार ने सुनिश्चित किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पूर्वोत्तर के विकास में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा शासन के दौरान असम में अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप असमी युवा अब अपने गृह राज्य लौट रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। सीतारमण ने कहा कि भाजपा का घोषणापत्र असम में हुए एक दशक के परिवर्तन पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में भी हासिल नहीं कर पाई थी। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में कुल 31 बिंदु शामिल हैं, जो राज्य के हर पहलू को छूते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पूर्वोत्तर के 77 बार के दौरों का जिक्र किया, जबकि असम से ही प्रधानमंत्री बने एक कांग्रेस सांसद के केवल 10 से अधिक बार दौरे करने का हवाला दिया, जो भाजपा के पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए कितनी गंभीर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




