

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महात्मा गांधी सेतु के पूर्वी हिस्से के लोकार्पण के मौके पर कहा कि मैं प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि बिहार के विकास के लिए तथा सड़कों एवं पुलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की तरफ से काम किया जा रहा है। नितिन गडकरी ने यहां किये जा रहे कार्यों के बारे में सारी बातों को बताया है और आश्वस्त भी किया कि और भी कई काम किए जाएंगे।
सीएम ने कहा कि वर्ष 1999 में अटल बिहारी प्रधानमंत्री थे तो उनकी सरकार में मुझे रेलवे के साथ-साथ इस विभाग का दायित्व भी सौंपा गया था। उस दौरान इन कामों को तय किया गया था। मुझे खुशी है कि इसे पूरा किया जा रहा है। मोकामा से मुंगेर तक के लिए जो योजनाएं हैं उसकी भी घोषणा की गयी है। सबका आकलन करके आपने निर्णय लिया है। 13 हजार 585 करोड़ की लागत से 15 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आज लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 से जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो उस समय से लगातार विकास के कार्य किये जा रहे हैं। वर्ष 2005 के पहले सड़कों की क्या स्थिति थी, यह आप सभी जानते हैं। जब हमलोगों ने काम करना शुरू किया, उस समय राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य सरकार की तरफ से 970 करोड़ रुपया खर्च कर ठीक कराया गया। उस समय की केंद्र सरकार से हमलोगों ने इसकी मांग रखी थी, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया।
सीएम ने कहा कि गंगा नदी पर पहले चार पुल बना था लेकिन अब इस नदी पर 17 पुल बन रहा है। गांधी सेतु के समानांतर भी फोरलेन पुल बनाया जा रहा है। मुंगेर-भागलपुर-मिर्जा चौकी फोरलेन नया ग्रीनफील्ड कोरिडोर बनाया जा रहा है। मुंगेर मिर्जापुर मौजूदा पथ को ठीक कर उसका और 10 मीटर चौड़ीकरण किया जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि54 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पथों एवं पुल-पुलियों के निर्माण पर खर्च की गयी है। राज्य के दूरस्थ इलाके से राजधानी पटना पहुंचने के 6 घंटे के लक्ष्य को पूरा किया जा चुका है और अब पांच घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार का भी काफी सहयोग मिल रहा है। पथों एवं पुलों के बेहतर निर्माण से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल, पुलियों, सरकारी भवनों का सिर्फ बेहतर निर्माण ही नही कराया जा रहा है बल्कि इसे हमेशा मेंटेन रखने को कहा गया है। विभागों को कहा गया है कि इसके लिए चाहे जितने अधिकारी, इंजीनियर्स की जरूरत है उसे बहाल करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से जो संभव है, किया जा रहा है। केंद्र का भी सहयोग मिल रहा है, इससे बिहार और उत्तम बनेगा। उन्होंने कहा कि इथेनॉल के निर्माण के लिए 2007 में योजना बनायी गई थी, मगर उस समय की केंद्र सरकार ने इसे नहीं माना था। उस समय 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव आया था।
कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सह सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी संबोधित किया।
दिल्ली से पटना हवाई अड्डा पहुंचने के पश्चात कार्यक्रम से पहले केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी को अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया।



