
Dehradun Factory Fire: ज़िंदगी की भागदौड़ में कभी-कभी एक चिंगारी सब कुछ राख कर देती है। देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को ऐसी ही एक भयावह घटना ने न केवल एक कारखाने को लील लिया, बल्कि कई घंटों तक दमकलकर्मियों को भीषण संघर्ष के लिए मजबूर कर दिया। यह आग इतनी प्रचंड थी कि धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सेलाकुई स्थित श्री बालाजी इंडस्ट्रीज में रविवार दोपहर बाद अचानक आग लग गई। इत्र बनाने वाली इस फैक्ट्री में लगी आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरा कारखाना उसकी चपेट में आ गया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि रविवार होने के कारण कारखाने में अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
देहरादून फैक्ट्री फायर: कैसे धू-धू कर जला श्री बालाजी इंडस्ट्रीज का संयंत्र?
दोपहर करीब दो बजे आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग हरकत में आया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी ने बताया कि आग बुझाने में लगभग सात घंटे का लंबा समय लगा। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देहरादून के अलावा ऋषिकेश, डोईवाला और हरिद्वार से भी दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा। कुल 15 दमकल गाड़ियों ने मिलकर आग पर काबू पाया। इस दौरान पांच लाख लीटर पानी और 1500-2000 लीटर केमिकल फोम का इस्तेमाल किया गया। इस तरह का औद्योगिक दुर्घटना अक्सर बड़ा नुकसान पहुंचाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
एलपीजी टैंकों को बचाना थी बड़ी चुनौती
त्यागी ने बताया कि इत्र बनाने में एलपीजी गैस का उपयोग होता है, और कारखाने के ठीक पीछे एलपीजी के दो बड़े टैंक मौजूद थे। इन टैंकों को आग की चपेट में आने से बचाना दमकलकर्मियों की पहली प्राथमिकता थी। टीम ने न केवल इन टैंकों को सुरक्षित रखा, बल्कि आग को आसपास के अन्य कारखानों तक फैलने से भी रोका। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं ताकि आग के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह एक गंभीर मामला है जिस पर विस्तृत जांच की आवश्यकता है।




