

Delhi Bomb Threat: राजधानी दिल्ली एक बार फिर दहशतगर्दों की नापाक हरकतों का शिकार होते-होते बची। एक अनजान ईमेल ने पूरे शहर को हाई अलर्ट पर ला दिया, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने बड़ी अनहोनी टाल दी। अब दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली बम धमकी: साजिश की परतें खोलने में जुटी साइबर टीमें
सोमवार को दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों को बम से संबंधित धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। दिल्ली सचिवालय, दिल्ली विधानसभा, लाल किला और दो स्कूलों सहित विभिन्न स्थानों पर गहन जांच के उपरांत इन धमकियों को फर्जी घोषित कर दिया गया। इन ईमेल में ‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ जैसे आपत्तिजनक नारे लिखे थे और अगले तीन दिनों में दिल्ली आर्मी स्कूल, लाल किला और मेट्रो स्टेशनों में विस्फोट की धमकी दी गई थी। धमकियों में दोपहर 1:11 बजे दिल्ली आर्मी पब्लिक स्कूल, दोपहर 3:11 बजे विधानसभा और सुबह 9:11 बजे लाल किले में विस्फोट का समय भी निर्दिष्ट किया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि, “हमारी साइबर टीमें उन आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिनका उपयोग करके कुछ शरारती तत्व बम से संबंधित धमकी दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसे अपराधी पुलिस जांच को गुमराह करने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल करके ईमेल भेज रहे हैं।” अधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि पुलिस के विशेषज्ञ इन आरोपियों का पता लगा लेंगे और इस तरह के साइबर सुरक्षा उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन धमकियों के मद्देनजर, पुलिस ने दिल्ली मेट्रो स्टेशनों सहित सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया है।
मेट्रो सेवाओं का विशेष रूप से उल्लेख होने के बाद, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर सुरक्षा तैनाती में इजाफा किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी मेट्रो स्टेशनों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि, “विध्वंसक गतिविधियों को रोकने के लिए गहन जांच और औचक तलाशी भी की जा रही है।” लाल किला, दिल्ली सचिवालय और विधानसभा परिसर सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते की टीमें तैनात की गई हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त समन्वय और आगामी रणनीति
बम धमकियों के बाद सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए दिल्ली मेट्रो और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समन्वय बैठकें आयोजित की गईं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा, “हमने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अपने समकक्षों से अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मेट्रो स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है।” उन्होंने बताया कि निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मेट्रो नेटवर्क में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तेज निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
साइबर टीमें लगातार ईमेल के स्रोत का पता लगाने और इसके पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर खतरे की आशंका जताई गई थी, वहां गहन तलाशी ली गई और कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और राजधानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

