Goa Nightclub Fire: कभी-कभी किस्मत भी ऐसी ठिठोली कर जाती है कि एक हादसा अभी आँखों से ओझल नहीं होता कि दूसरा, उसी की कोख से जन्मा, उससे भी गहरा घाव दे जाता है। गोवा के नाइटलाइफ की चकाचौंध में छिपी एक भयावह सच्चाई अब सामने आ रही है, जहां आग की लपटों के बाद अब आरोपों का धुआं उठ रहा है।
Goa Nightclub Fire: जानलेवा लपटों के बाद, अब मारपीट के आरोप!
Goa Nightclub Fire: बर्च बाई रोमियो लेन की काली करतूतें
Goa Nightclub Fire: गोवा के एक चर्चित नाइटक्लब, बर्च बाई रोमियो लेन में लगी भीषण आग, जिसमें पच्चीस लोगों की जान चली गई थी, अभी तक लोगों के जेहन से मिटी भी नहीं थी कि अब इसी क्लब के प्रबंधन पर एक और गंभीर आरोप लगा है। नवंबर में क्लब का दौरा करने वाली वैभवी नामक एक महिला ने सनसनीखेज दावा किया है कि क्लब के मैनेजर, सिक्योरिटी स्टाफ और बाउंसरों ने उनके परिवार के सदस्यों पर शारीरिक हमला किया था। यह आरोप आगजनी की घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जिससे क्लब के संचालन और ग्राहक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वैभवी ने अपने बयान में बताया कि पिछले महीने वे वागाटोर स्थित रोमियो लेन बीच शैक गई थीं। उनके अनुसार, क्लब के अंदर की जगह बेहद संकरी थी और बाहर निकलने या अंदर आने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था, वह भी ऊंचाई पर। इससे किसी भी आपात स्थिति में बाहर निकलना मुश्किल हो सकता था, जो क्लब सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन है। देर रात करीब 3 बजे जब वे क्लब से निकल रही थीं, तो उनके रास्ते में एक भारी कुर्सी पड़ी थी, जिसे उनके कज़िन ने पैर से एक तरफ कर दिया। इसी बात पर मैनेजर ने भड़कते हुए उन पर ‘फर्नीचर खराब करने’ का आरोप लगाया और बेहद बदसलूकी की। मैनेजर ने कहा, “आपको पहले ही बाहर फेंक देना चाहिए था, आपका यहां कोई स्टेटस नहीं है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैभवी का आरोप है कि जब उनके परिवार ने इस दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगी और क्लब से बाहर निकलने की कोशिश की, तो मैनेजर ने सभी सिक्योरिटी कर्मियों और बाउंसरों को बुला लिया। स्टाफ ने उन्हें क्लब से बाहर निकलने नहीं दिया और सीढ़ियों पर ही रोककर उन पर हमला कर दिया। वैभवी ने बताया कि उनकी बहन को सीने पर चोट मारी गई और धक्का देकर सीढ़ियों से नीचे गिरा दिया गया, जबकि उनके भाई पर एक बाउंसर ने लोहे की रॉड से हमला किया। उन्होंने दर्दनाक लहजे में कहा, “मैंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन्होंने मुझ पर भी हाथ उठाया। जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह मैंने कभी नहीं सुना था।”
पुलिस कार्रवाई और मालिकों की फरार कहानी
घायल होने के कारण वैभवी और उनके परिवार ने अगली सुबह पुलिस स्टेशन जाने का फैसला किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पहले दिन सिर्फ शिकायत दर्ज करने को कहा और उन्हें अगले दिन अंजुना पुलिस स्टेशन आने का निर्देश दिया। काफी मशक्कत के बाद ही एफआईआर दर्ज हो सकी। वैभवी का यह भी कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत में क्लब के दोनों मालिकों के नाम भी शामिल किए थे, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए उन्हें हटा दिया कि घटना के समय वे वहां मौजूद नहीं थे।
उधर, आग लगने की घटना के कुछ ही घंटों बाद क्लब के दोनों मालिक, गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा, भारत छोड़कर इंडिगो की दिल्ली-फुकेट फ्लाइट से थाईलैंड पहुँच गए थे। उन्हें थाईलैंड के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है और अब जल्द ही भारत प्रत्यर्पित किए जाने की संभावना है। गोवा सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों भाइयों को कानून के दायरे में लाने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। इस मामले में अब तक क्लब के पाँच मैनेजर और स्टाफ सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस घटना ने गोवा में नाइटक्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां आग लगने से दर्जनों जानें गईं, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों के साथ मारपीट की यह घटना क्लब के अनैतिक रवैये को उजागर करती है। यह दिखाता है कि इन क्लबों में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि कई बार खतरा भी इंतजार कर रहा होता है। यह घटना क्लब सुरक्षा के महत्व को और भी अधिक रेखांकित करती है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आने वाले हर व्यक्ति की जान और सुरक्षा सर्वोपरि हो।


