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Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू के बजट पर जगन का तीखा प्रहार, ‘आंकड़े भ्रामक, कर्ज का बोझ भारी’

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Andhra Pradesh News: सत्ता के संग्राम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर नया नहीं, मगर जब बात जनता के पैसे और प्रदेश के भविष्य की हो, तो हर शब्द तलवार की धार बन जाता है।

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आंध्र प्रदेश न्यूज़: चंद्रबाबू नायडू के बजट पर जगन का तीखा प्रहार, ‘आंकड़े भ्रामक, कर्ज का बोझ भारी’

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वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को चंद्रबाबू नायडू सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह बजट “भ्रामक आंकड़ों और झूठे दावों” से भरा है, जो प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को छिपाने का प्रयास है।

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जगन रेड्डी ने बताया कि जब से चंद्रबाबू नायडू सत्ता में आए हैं, राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अपने पांच साल के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि तब कुल कर्ज लगभग 33 लाख करोड़ रुपये था, जबकि नायडू के शासन के मात्र दो वर्षों में ही यह आंकड़ा 32 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। यह दर्शाता है कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ कितनी तेजी से बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।

आंध्र प्रदेश न्यूज़: राज्य की वित्तीय स्थिति और बढ़ते कर्ज का सच

रेड्डी ने तंज कसते हुए कहा कि यह एक अजीब संयोग है कि जब भी चंद्रबाबू नायडू सत्ता में आते हैं, राजस्व घट जाता है और कर्ज बढ़ जाता है। उन्होंने इसका सीधा कारण “व्यापक भ्रष्टाचार और संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग” बताया। उनके अनुसार, सरकारी जमीनें निजी रियल एस्टेट कंपनियों को कौड़ियों के भाव में सौंपी जा रही हैं, जिससे राज्य के खजाने को भारी क्षति पहुंच रही है।

विशाखापत्तनम में हजारों करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीनें कथित तौर पर नायडू के रिश्तेदारों और सहयोगियों को आवंटित की जा रही हैं। जगन रेड्डी ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार तो अब खजाने में न्यूनतम शेष राशि भी नहीं रख पा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्थिति गंभीर आंध्र प्रदेश की राजनीति में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।

आंध्र प्रदेश न्यूज़: विधानसभा सत्र में जनहित के मुद्दे गायब

जगन मोहन रेड्डी ने विधानसभा सत्रों के कामकाज पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनता की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय केवल “नाटक, नुक्कड़ नाटक और आत्म-प्रशंसा” में सिमट कर रह गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने अपनी ‘सुपर सिक्स’ योजनाओं के वादों के बारे में पूछे गए सवालों का कोई संतोषजनक जवाब क्यों नहीं दिया। महिलाओं से किए गए वादों का क्या हुआ? गरीबों के लिए आवास का क्या हुआ?

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रेड्डी ने यह भी पूछा कि क्या पिछले दो वर्षों में नायडू सरकार ने गरीबों को एक भी जमीन दी है या एक भी घर बनाया है? उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मुद्दे को भी उठाया, जो अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। हालांकि, जब चंद्रबाबू राजनीतिक सभाएं आयोजित करते हैं, तो वे उन्हीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति की अपेक्षा करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्थिति आंध्र प्रदेश की राजनीति में गहराती जा रही जनता की निराशा को दर्शाती है।

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