



Jammu and Kashmir Security: घाटी में अमन की फसल बोने निकले जवानों का हौसला आज हिमालय से भी ऊंचा है, क्योंकि दुश्मन की हर नापाक साजिश का अब मुंहतोड़ जवाब देने का वक्त आ गया है। सीमा पार से चल रही नापाक साजिशों को करारा जवाब देने और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए भारतीय सेना ने अपनी कमर कस ली है। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू और कश्मीर के अग्रिम इलाकों का सघन दौरा कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आतंकवाद रोधी अभियानों, जमीनी हालात और सैनिकों की मुस्तैदी का जायजा लिया। उनका यह दौरा महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि अब हर संदिग्ध हरकत पर गहरी नजर और हर खतरे पर तत्काल जवाबी कार्रवाई की नीति प्रभावी है।
Jammu and Kashmir Security: अग्रिम मोर्चों पर खुद सेना प्रमुख ने परखी तैयारी
सेना प्रमुख ने जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय पहुंचकर आतंकवाद रोधी बलों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने राजौरी और पुंछ जैसे संवेदनशील और कठिन इलाकों में तैनात इकाइयों को साफ संदेश दिया कि सतर्कता और चौकसी में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। इस दौरान उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सेना ने जोर देकर कहा कि जवानों की अटूट निष्ठा और उनका पेशेवर रवैया ही इस लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गृह मंत्री भी दे चुके हैं स्पष्ट निर्देश
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में उन्होंने पूरे सुरक्षा तंत्र को ‘मिशन मोड’ में काम करने के सख्त निर्देश दिए थे। पिछले दो हफ्तों के दौरान कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ में कई सफल मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े चार पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा बल अब आतंकियों को ढूंढकर खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बैठक में सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी ढांचे पर निर्णायक प्रहार करने की विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई थी।
सीमा पार से घुसपैठ की नापाक कोशिशें जारी
हालांकि, जमीनी स्तर पर खतरा अभी भी बना हुआ है। हाल ही में सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर घुसने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया। रामगढ़ सेक्टर में संदिग्ध हलचल देखते ही जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। यह घटना स्पष्ट करती है कि सीमा पार बैठे आतंकी आका अभी भी जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और यहां के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की नापाक कोशिशों में लगे हुए हैं। इन आतंकवाद रोधी अभियानों के बीच ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संगठित अपराध पर भी लगाम कसने की तैयारी
सुरक्षा बल केवल सीमा पार की चुनौतियों पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी मोर्चे पर भी सख्ती बरत रहे हैं। जम्मू में एक कुख्यात अपराधी बलदेव राज को जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लेकर भद्रवाह जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए ऐसे कड़े कदम लगातार जारी रहेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
कुल मिलाकर, Jammu and Kashmir Security में सुरक्षा की तस्वीर अब और साफ हो चुकी है। एक तरफ जहां सीमा पर घुसपैठ की कोशिशें, अंदरूनी इलाकों में आतंकी नेटवर्क और सीमा पार से लगातार साजिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पुलिस ने मिलकर एक बहुस्तरीय सुरक्षा जाल बिछा दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब यह लड़ाई रक्षात्मक कम और आक्रामक ज्यादा दिखाई दे रही है। सरकार और सुरक्षा बलों की यह सक्रियता निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन इस लंबी लड़ाई में निरंतर दबाव बनाए रखना ही सफलता की कुंजी होगी। सीमा पार बैठे आतंकी आका तभी झुकेंगे जब उनकी हर साजिश का अंजाम केवल नाकामी और भारी नुकसान होगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक, मजबूत खुफिया तंत्र और स्थानीय आबादी के सहयोग को और अधिक मजबूत तथा धारदार बनाने की आवश्यकता है।


